नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Economic Package) ने प्रोत्साहन पैकेज की चौथी किस्त की घोषणा कर दी है. 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज के तहत लगातार चौथे दिन चौथे निर्मला सीतारमण ने कई योजनाओं के बारे में बताया. उन्होंने कई बड़ी घोषणाएं की, जिसमें केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली वितरण का निजीकरण किया जाना भी शामिल है.Also Read - Rajasthan Lockdown Update: राजस्थान में कोरोना पाबंदियों में मिली ढील, 20 सितंबर से खुलेंगे सभी स्कूल; शादी के लिए नई गाइडलाइन जारी

एयरपोर्ट होंगे नीलाम
– देश के 6 एयरपोर्ट नीलाम किये जाएंगे. इन एयरपोर्ट्स का विकास पीपीपी मॉडल से कराया जाएगा.
– एयरपोर्ट की नीलामी का काम अथॉरिटी ऑफ इंडिया करेगी.
– ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकी ताकि भारतीय विमानों को लम्बे रास्ते न लेना पड़े. ये चीज़ें दो महीने के अन्दर किया जाएगा.
– वित्त मंत्री का कहना है कि इससे एक हज़ार करोड़ रुपए का फायदा होगा. पर्यावरण को भी फायदा पहुंचेगा. Also Read - GST काउंसिल की बैठक में लिए गए कई अहम फैसले, जीवन रक्षक दवाओं पर मिली छूट; पेट्रोल-डीजल पर कोई राहत नहीं

देश में ही हथियार बनाने पर जोर
– देश में ही हथियार बनाने पर जोर दिया गया है. कई ऐसे हथियार और पार्ट्स हैं जो विदेश से मंगाए जाते हैं, वो देश में ही बनाए जाएंगे.
– सरकार ऐसे हथियार, वस्तुओं, स्पेयर्स को नोटिफाइ करेगी जिसमें आयात को बैन किया जाएगा और उनकी स्वदेशी आपूर्ति की जाएगी.
– ऑर्डिनंस फैक्ट्री का कॉर्पोरेटाइजेशन होगा. प्राइवेटाइजेशन नहीं होगा. रक्षा उत्पादन में FDI की सीमा 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत की गई है. Also Read - What is Bad Banks? मंत्रिमंडल ने ‘बैड बैंक’ के लिए सरकारी गारंटी के प्रस्ताव को मंजूरी दी, जानिए किसे होगा फायदा

कोयला क्षेत्र के लिए बड़ी घोषणाएं
– कोयला खनन में सरकार का एकाधिकार ख़त्म होगा.
– कोल बेड मिथेन के लिए प्राइवेट कंपनियों को ठेके दिए जाएंगे. 500 खनन ब्लॉकों को एक खुली और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से पेश किया जाएगा, एल्यूमिनियम उद्योग की प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए बॉक्साइट और कोयला खनिज ब्लॉकों की एक संयुक्त नीलामी पेश की जाएगी.
– कोयला क्षेत्र में 50,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा.
– सरकार कोयला क्षेत्र में निर्धारित रुपये / टन व्यवस्था के बजाय राजस्व साझाकरण तंत्र द्वारा प्रतिस्पर्धा, पारदर्शिता और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की शुरुआत करेगी.

500 माइनिंग ब्लॉक की नीलामी की जाएगी
– कोल इंडिया लिमिटेड की खदाने भी प्राइवेट सेक्टर को दी जाएंगी.
– वित्त मंत्री ने कहा ज्यादा से ज्यादा खनन हो सके और देश के उद्योगों को बल मिले.
– 50 ऐसे नए ब्लॉक नीलामी के लिए उपलब्ध होंगे. पात्रता की बड़ी शर्तें नहीं रहेंगी.
– कोयला क्षेत्र में कमर्शियल माइनिंग होगी और सरकार का एकाधिकार खत्म होगा.
– कोयला उत्पादन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता कैसे बनें और कैसे कम से कम आयात करना पड़े, इस पर काम करना है.

कोयले को खदान से जरूरत की जगह तक ले जाने का बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए 50,000 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं.
– 50,000 करोड़ रुपये का निवेश CIL (कोल इंडिया लिमिटेड) द्वारा 2023-24 तक कोयले के उत्पादन को 1 बिलियन टन तक पहुंचाने और निजी ब्लॉकों द्वारा कोयला उत्पादन के लिए किया गया है.
– न्यू चैंपियन सेक्टरों के संवर्धन के लिए प्रोत्साहन योजनाएँ शुरू की जाएंगी जैसे सोलर पीवी विनिर्माण, उन्नत सेल बैटरी भंडारण आदि क्षेत्रों में.