मुंबई: केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले विपक्ष के प्रस्तावित ‘महागठबंधन’ का मजाक उड़ाते हुए कहा कि यह कमजोरों की एकजुटता है. गडकरी ने दावा किया कि नरेंद्र मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे. गडकरी ने 1971 में विपक्षी एकता के खिलाफ इंदिरा गांधी की जीत की याद दिलाते हुए कहा कि मोदी 2019 के चुनाव में वैसी ही जीत हासिल करेंगे.

यह दो दिन में दूसरा मौका है जब केंद्रीय कैबिनेट के सदस्य ने अगले लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी की जीत को लेकर रोचक तुलना की है. मंगलवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि मोदी और विराट कोहली अपनी-अपनी फील्ड के महारथी हैं और उन्हें हराना आसान नहीं है. जेटली ने अगले आम चुनावों में भाजपा की जीत के साथ अगले साल होने वाले क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत की जीत का दावा भी किया था.

गडकरी ने एक कार्यक्रम में कहा कि 1971 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सामूहिक विपक्ष का सामना करते हुए भी जीत हासिल की थी. महागठबंधन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘महागठबंधन उन लोगों का गठबंधन है जो एनीमिक, कमजोर और हारे हुए हैं. ये लोग हैं जिन्होंने कभी एक दूसरे को ‘नमस्कार’ नहीं कहा, एक दूसरे को देखकर कभी मुस्कराए नहीं या एक दूसरे के साथ चाय तक नहीं पी.’’ भाजपा नेता ने कहा, ‘‘श्रेय मोदी और भाजपा को जाता है कि ये पार्टियां अब दोस्त बन गई हैं.’’

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गडकरी ने अपने तर्क को मजबूती देते हुए कहा कि सपा नेता मुलायम सिंह यादव और बसपा अध्यक्ष मायावती चिर प्रतिद्वंद्वी हैं. वरिष्ठ मंत्री ने कहा, ‘‘जब मैं कॉलेज में था, इंदिरा गांधी के खिलाफ बड़ा गठबंधन था. सोशलिस्ट पार्टी, कांग्रेस (ओ) और जन संघ साथ में थे. गणित के हिसाब से तो गठबंधन के जीतने के आसार थे, लेकिन इंदिरा गांधी 1971 का चुनाव जीतीं. राजनीति में दो और दो कभी चार नहीं होते.’’

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उन्होंने कहा कि राजस्थान और मध्य प्रदेश के चुनावों में भाजपा और कांग्रेस की वोट हिस्सेदारी के बीच अंतर बहुत कम था. उन्होंने कहा, ‘‘विधानसभा चुनावों के परिणामों पर मत जाइए. हम लोकसभा चुनाव दोबारा जीतेंगे. हम अच्छा बहुमत हासिल करेंगे और मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बनेंगे.’’

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भाजपा पर अकसर निशाना साधने वाली सहयोगी शिवसेना को लेकर एक सवाल के जवाब में गडकरी ने कहा कि दोनों पार्टियों के बीच वैसे ही संबंध हैं जैसे उस समय थे जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे. उन्होंने कहा, ‘‘मराठी में एक कहावत है ‘‘तुझे माझे जामेना, तुझ्या वाचुन करामेना’’ यानी हम ना तो साथ में आते हैं और ना ही अलग हो सकते हैं. महाराष्ट्र के हित में, मराठी भाषी जनता और देश के हित में गठबंधन हम दोनों के लिए लाभकारी है.’’