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पणजी, 10 अप्रैल| कांग्रेस की गोवा इकाई ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी की उस विवादास्पद टिप्पणी के लिए कड़ी निंदा की है, जिसमें उन्होंने पिछले महीने पश्चिम बंगाल में एक नन के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार दो बांग्लादेशी नागरिकों के धर्म का खुलासा किया था। गडकरी ने गुरुवार को कांग्रेस सहित विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे सांप्रदायिकता के आरोपों से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का बचाव करते हुए पिछले महीने पश्चिम बंगाल में एक नन के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले का जिक्र किया।

गडकरी ने कहा, “कुछ दिन पूर्व कोलकाता में एक नन के साथ दुष्कर्म के आरोप में दो युवाओं को गिरफ्तार किया गया था, जो बांग्लादेशी मुस्लिम थे।” यह भी पढ़े नितिन गडकरी ने सोनिया से कहा, भूमि विधेयक पर साथ दें

गोवा कांग्रेस ने इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना की। कांग्रेस सचिव दुर्गादास कामत ने आईएएनएस को बताया, “दुष्कर्म को किसी धर्म के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। बीमार मानसिकता से ग्रसित व्यक्ति ही दुष्कर्म करता है। हमें दुष्कर्मी को दंडित करने की जरूरत है और इस तरह के अपराध में धर्म को बीच में लाने की जरूरत नहीं है।”

पिछले महीने पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में एक बुजुर्ग कैथोलिक नन के साथ सामूहिक दुष्कर्म से देश भर में हंगामा खड़ा हो गया था।

इस संबंध में मुंबई और पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था।

गडकरी ने यह भी कहा कि दिल्ली में गिरजाघरों में हमलों की जांच कर रही जांच एजेंसियों ने भी कहा है कि ये अपराध सांप्रदायिक नहीं हैं। इस तरह की गतिविधियों में नशे में धुत्त वे लोग शामिल हैं, जिन्हें कानून का कोई खौफ नहीं है।

गडकरी ने कहा, “ये सभी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं और इनका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तरीके से भाजपा, हमारी विचारधारा को साझा कर रहे संगठनों और भारत सरकार के साथ कोई संबंध नहीं है। लोगों को भ्रमित करने के लिए नए-नए तरीके से बार-बार नरेंद्र मोदी और भाजपा पर हमले किए जाते हैं, जिसमें कहा जाता है कि देश में अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ गए हैं और सरकार अल्पसंख्यकों के खिलाफ है।”

गडकरी ने अपनी सरकार का बचाव करते हुए कहा कि विपक्ष अल्पसंख्यक समुदाय में डर और असुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए बिना किसी कारण सांप्रदायिकता के मुद्दे को बढ़ावा दे रहा है।

उन्होंने कहा, “विपक्ष अल्पसंख्यकों के मन में पार्टी और सरकार के खिलाफ डर पैदा करने के लिए भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने की कोशिश कर रहा है।”