नई दिल्लीः केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को खुदरा विक्रेताओं को कोरोना वायरस के साथ जीने की कला सीखने का सुझाव देते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) का दर्जा देने की उनकी मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि जब तक इस वायरस वैक्सीन या फिर कोई कारगर इलाज नहीं तलाश लिया जाता तब तक हम सभी लोगों को इसके साथ जीवन जीने की कला सीखनी होगी. Also Read - मुंबई से गोरखपुर व्यवस्था देखने पहुंचे रवि किशन, एयरपोर्ट पर जायजा लेते हुए बोले- सटला त' गइला बाबू

मंत्री ने खुदरा विक्रेताओं को सरकार की ओर से वित्तीय मदद दिए जाने की मांग पर भी विचार करने का आश्वासन दिया . उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने उठाएंगे. Also Read - राज्यसभा सचिवालय का अफसर कोरोना पॉजिटिव, पार्लियामेंट की Annexe बिल्डिंग के दो फ्लोर सील

मंत्री के अनुसार, वर्तमान स्थिति भी एक तरह से आशीर्वाद और उद्योग जगत की विशेषज्ञता को उन्नत करने का अवसर है. गडकरी ने खुदरा विक्रेताओं को कोरोना वायरस के साथ जीवन जीने की कला सीखने का सुझाव देते हुए कहा कि खुदरा विक्रेताओं का धैर्य खत्म हो रहा है. Also Read - कोरोना मरीजों की मदद के लिए पैसे जुटाने के चलते दुआ लीपा, डेरुलो संग जुड़े अर्जुन

उन्होंने कहा, ‘यह एक आर्थिक युद्ध भी है. अंतराष्ट्रीय बाजार में हमारी गुणवत्ता और कीमत महत्व रखती है.’ गडकरी ने ये बातें भारतीय खुदरा विक्रेता संघ (आरएआई) के साथ ऑनलाइन बैठक के दौरान कही.