नई दिल्ली: देश में लगातार पेट्रोल-डीजल के बढ़ती कीमतों को कम करने के लिए केंद्र सरकार भविष्य के लिए बड़ी योजना बना रही है. केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने शुक्रवार को एक मीडिया से रूबरू होते हुए इस बारे में अपने वितार रखे. उन्होंने कहा कि भारत को अब पेट्रोल-डीजल के विकल्प तलाशने होंगे और इथेनॉल, मीथेनॉल, बायो-डीजल और बायो सीएनजी जैसे ईंधनों को भविष्य में प्रयोग में लाना होगा.

उन्होंने कहा कि सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर सब्सिडी खत्म कर दी है और सरकार 8 करोड़ लोगों को एलपीजी कनेक्शन दे रही है. गड़करी ने कहा ऐसा नहीं है कि सरकार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से चिंतित नहीं है. सरकार अब इसके विकल्प के रूप में ईंधन पर काम कर रही है जिससे आने वाले समय में लोगों को सहूलियत मिल सके. इसके अलावा उन्होंने कहा कि सरकार अभी 8 लाख करोड़ का पेट्रोल-डीजल आयात करती है. इस खर्च को कम करने की पूरी कोशिश की जा रही है.

नितिन गड़करी ने कहा कि अगले 6 महीनों में ऑटोमोबाइल कंपनियां ऐसे वाहन बाजार में उतारेंगे जो वैकल्पिक ईंधन पर चलेंगे. पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर ऐसा मुमकिन हुआ तो पेट्रोल-डीजल के दाम में 8 रुपए तक की कटौती संभव है. वहीं आज के पेट्रोल के रेट नई दिल्ली में 78.20/लीटर और डीजल के रेट 69.11/लीटर हैं.

मंगलवार को राजधानी दिल्ली में पेट्रोल और डीजल के दाम अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए थे. मंगलवार को राजधानी में पेट्रोल 78.43 रुपए प्रति लीटर और डीजल 69.31 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया था. हर राज्य में पेट्रोल-डीजल के दाम अलग अलग हैं क्योंकि हर राज्य में टैक्स और वैट की दर अलग अलग है.

सभी शहरों और राजधानियों के मुकाबले में दिल्ली में पेट्रोल-डीजल के दाम सबसे कम हैं. पिछले दिनों लगातार 16 दिनों तक पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के दौरान पेट्रोल 3.8 रुपए प्रति लीटर और डीजल 3.38 रुपए प्रति लीटर महंगा हुआ है.