नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण आपसी सहमति से होना चाहिए. गडकरी ने जोर देकर कहा कि राम मंदिर कोई सांप्रदायिक या धार्मिक मुद्दा नहीं है. Also Read - नागपुर में फैक्ट्री का बॉयलर फटने से पांच की मौत, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बेटे हैं फैक्ट्री के डायरेक्टर

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वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि यह विषय भारत की समृद्ध संस्कृति, धरोहर और इतिहास से जुड़ा है. एक न्यूज चैनल के कॉन्क्लेव में उन्होंने कहा, ‘‘अयोध्या का मुद्दा सांप्रदायिक नहीं है और धार्मिक भी नहीं है. भगवान राम हमारे इतिहास, संस्कृति और धरोहर के प्रतीक हैं. यह साबित हो गया है कि वहां मंदिर था. अगर हिंदुस्तान में जन्म भूमि पर राम मंदिर नहीं बनाया जा सकता तो कहां बनेगा? करोड़ों लोगों की भावनाएं और कामना है कि वहां राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए.’’ Also Read - ये हैं महाराष्ट्र की राजनीति में भाजपा के दिग्गज नेता, लेकिन पूरी पिक्चर से हैं गायब, आखिर क्यों?

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उन्होंने कहा कि भाजपा के एजेंडे में भी यह भावना थी और आगे भी रहेगी. गडकरी ने कहा, ‘‘इसके तीन रास्ते हैं. मामला अदालत में है. आपसी सहमति से यह हो सकता है या संसद में दो तिहाई बहुमत के माध्यम से किसी फैसले से हो सकता है. लेकिन मेरा मानना है कि यह आपसी सहमति से होना चाहिए. हमारी भावना ‘सर्वधर्म समभाव’ की है.’’

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उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय इस मुद्दे के समाधान के पक्ष में है. बता दें कि पांच राज्यों के हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद राजनीतिक विश्लेषक कह रहे हैं कि हार का बड़ा कारण अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में टालमटोल है. हालांकि, भाजपा नेताओं का कहना है कि उनकी पार्टी मंदिर बनाने के लिए कृतसंकल्प है.