नई दिल्ली। लखनऊ के दंपति को पासपोर्ट देने के मामले में विदेश मंत्री सुषमा को सोशल मीडिया पर ट्रोल किए जाने के मामले में अब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उनका साथ दिया है. गडकरी ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. गडकरी ने कहा, ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. जब ये फैसला (पासपोर्ट देने का) हुआ था वह देश से बाहर थीं. उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है और ये फैसला गलत भी नहीं है.

इससे पहले सोमवार को सुषमा स्वराज को ट्रोल किए जाने के मुद्दे पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने उनका साथ दिया था. राजनाथ सिंह ने कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ट्रोल करना गलत है. राजनाथ एकमात्र ऐसे मंत्री रहे जिन्होंने सुषमा के समर्थन में बयान दिया था. अब गडकरी भी इस फेहरिस्त में शामिल हैं.

ये है पूरा मामला

सुषमा एक अंतरधर्मी दंपत्ति को पासपोर्ट जारी कराने और इससे संबंधित विवाद में लखनऊ स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र के अधिकारी विकास मिश्रा के तबादले के बाद से आक्रामक ट्वीटों का सामना कर रही हैं. मुद्दे पर टिप्पणी के लिए कहे जाने पर राजनाथ ने यहां पत्रकारों से कहा कि मेरे हिसाब से यह गलत है.

सुषमा ने कुछ आक्रामक ट्वीटों को री – ट्वीट किया था. उन्होंने टि्वटर पर एक सर्वेक्षण भी कराया था और इस मंच का इस्तेमाल करने वालों से पूछा था कि क्या वे इस तरह की ट्रोलिंग को स्वीकार करते हैं. इस पर 43 प्रतिशत लोगों ने हां में और 57 प्रतिशत लोगों ने ना में जवाब दिया था.

राजनाथ ने दिया साथ, कहा-सुषमा स्वराज को ट्रोल करना गलत है

कई दिन तक चली ट्रोलिंग के बाद मामला शनिवार को तब आगे बढ़ गया था जब सुषमा के पति ने एक टि्वटर यूजर के एक पोस्ट का स्क्रीनशॉट ट्वीट किया जिसमें उनसे कहा गया था कि वह उनकी (सुषमा) पिटाई करें और उन्हें मुस्लिम तुष्टीकरण न करने की बात सिखाएं.

लखनऊ स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र के अधिकारी विकास मिश्रा के तबादले के प्रकरण में अपने खिलाफ किए जा रहे अपमानजनक ट्वीट में से कुछ को सुषमा रीट्वीट कर रही हैं. सुषमा ने बीती रात टि्वटर सर्वेक्षण शुरू किया और लोगों से पूछा कि क्या इस तरह की ट्रोलिंग उचित है. उन्होंने ट्वीट किया, मित्रों मैंने कुछ ट्वीट लाइक किए हैं. यह पिछले कुछ दिन से हो रहा है. क्या आप ऐसे ट्वीट को स्वीकृति देते हैं ?