मुंबई: अपने दम पर राजनीति और कारोबार में सफलता के मुकाम हासिल करने वाले नितिन जे. गडकरी (62) पूर्वी महाराष्ट्र के नागपुर से आते हैं. उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) और भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) से अपनी राजनीति के कॅरियर की शुरुआत की.

 

अभाविप राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का विंग है तो भाजयुमो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का विंग है. मिलनसार और मृदु स्वभाव के व्यक्ति गडकरी ब्राह्मण हैं. भाजपा में शामिल होने के बाद वह प्रदेश में पहली बार मनोहर जोशी की अगुवाई में बनी विपक्षी गठबंधन शिवसेना-भाजपा की सरकार (1995-1999) में मंत्री बने. सभी दलों के नेताओं के साथ अच्छे व्यक्तिगत संबंध वाले गडकरी को प्रदेश में बुनियादी परिवहन ढांचा में सुधार करने का श्रेय जाता है. उन्होंने इस कार्य का अपनी दिलचस्पी के साथ बखूबी अंजाम दिया, जिससे उनको जल्द ही प्रमुखता मिली. उनको मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे समेत सैकड़ों फ्लाइओवर, सड़क और राज्य व राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने का श्रेय जाता है.

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2009 में बने भाजपा अध्यक्ष
वह महाराष्ट्र में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे, लेकिन उनके पास सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी 2009 में आई जब उनको भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया और पार्टी में बदलाव लाने और नए सिरे से पार्टी को खड़ा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई. वह 2013 तक इस पद पर बने रहे.

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सड़क परिवहन, जहाजरानी व अन्य मंत्रालयों में गडकरी ने छोड़ी अमिट छाप
लगातार दो लोकसभा चुनाव (2004, 2009) में पार्टी के खराब दौर से गुजरने के बाद गडकरी ने पार्टी को नए सिरे से खड़ा किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में गडकरी ने काफी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई और सड़क परिवहन, जहाजरानी व अन्य मंत्रालयों में उन्होंने अमिट छाप छोड़ी. उनको दोबारा मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है.