Burqa Pulling Controversy: बिहार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने एक महिला आयुष डॉक्टर का हिजाब खींच लिया. कांग्रेस, राजद, पीडीपी, सपा और शिवसेना ने इस घटना की निंदा करते हुए नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति मानसिक रूप से संतुलित है तो उसे किसी महिला का बुर्का या घूंघट हटाने का हक नहीं है. कांग्रेस के प्रवक्ता उदित राज ने कहा है कि एनडीए के नेता ऐसे ही होते हैं.
महबूबा मुफ्ती का ट्वीट
महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को एक्स पर लिखा, ‘यह देखकर झटका लगा कि नीतीश कुमार ने मुस्लिम महिला डॉक्टर का नकाब नीचे कर दिया. मैं उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानती हूं और सम्मान करती हूं. क्या इसे बुढ़ापा कहेंगे या मुसलमानों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने को सामान्य बनाने की कोशिश करना कहेंगे.
राजद की प्रतिक्रिया
राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि मैंने घटना की तस्वीरें देखी हैं. वे परेशान करने वाली हैं. सम्राट चौधरी नीतीश कुमार को रोकने की कोशिश भी करते नजर आ रहे हैं. ये चिंता का विषय है. वहीं शिवसेना यूबीटी की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यह उत्पीड़न है. सीएम को किसी का हिजाब हटाने का अधिकार नहीं है. सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार मानसिक रूप से कमजोर हो गए हैं. उनका इलाज कराना चाहिए.
क्या है पूरी घटना
मुख्यमंत्री सचिवालय ‘संवाद’ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक हजार से अधिक आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे थे. पीटीआई भाषा के अनुसार, जब नुसरत परवीन की बारी आई, जो चेहरे पर हिजाब पहने हुई थीं, तो सीएम नीतीश कुमार ने नाराजगी जताते हुए कहा, ‘यह क्या है?’ इसके बाद मुख्यमंत्री उनके चेहरे से हिजाब हटा दिया. घबराई हुई नवनियुक्त चिकित्सक को वहां मौजूद एक अधिकारी ने तुरंत एक ओर कर दिया.
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