नई दिल्ली: स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में कुछ दिनों पहले हुये एक धार्मिक जमावड़े के दौरान कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने की आशंकाओं पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये मंगलवार को कहा कि यह समय, किसकी गलती है, ये खोजने का नहीं है बल्कि संक्रमण को रोकने के लिये काम करने का है. Also Read - Video: COVID19 से जंग जीतने वाले एक माह के मासूम को मुंबई के अस्‍पताल ने ऐसे दी विदाई

उल्लेखनीय है कि हाल में निजामुद्दीन इलाके में धार्मिक संगठन तबलीग ए जमात के एक कार्यक्रम में जुटे लोगों में से कुछ में कोरोना का संक्रमण पाये जाने और कुछ अन्य में संक्रमण की आशंका के चलते उन्हें दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. समझा जाता है कि इस आयोजन में लगभग दो हजार लोगों ने हिस्सा लिया था, इनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. Also Read - बीसीसीआई को भरोसा, भारत से टी20 विश्व कप की मेजबानी छीनकर 'आत्महत्या' नहीं करेगी ICC

देश में कोरोना के संक्रमण की स्थिति के बारे में होने वाले नियमित संवाददाता सम्मेलन में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा, ‘‘जहां तक निजामुद्दीन इलाके में संक्रमण के मामले सामने आने का सवाल है, हमें यह समझना चाहिये कि यह समय किसी की गलती खोजने का नहीं है. बल्कि हमारे लिये जरूरी यह है कि जिस किसी भी इलाके में संक्रमण के मामले मिलें उसमें इसे रोकने के लिये जरूरी कदम उठाये जायें.’’ Also Read - लॉकडॉउन में दिल्‍ली के एक किसान की दरियादिली, प्‍लेन से 10 प्रवासी श्रमिकों को भेज रहा बिहार

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने धार्मिक जलसे में भाग लेने वाले 24 लोगों में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि होने की बात कही है. उन्होंने बताया कि इस जलसे में हिस्सा लेने वाले 700 अन्य लोगों को संक्रमित लोगों के संपर्क में आने के कारण पृथक रखा गया है जबकि ऐसे 350 लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है जिनमें संक्रमण के लक्षण उभरकर सामने आये.

संवाददाता सम्मेलन में मौजूद गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने इस मामले में सिर्फ इतना ही कहा कि मंत्रालय बाद में इस घटना के बारे में विस्तृत जानकारी देगा.

(इनपुट भाषा)