नई दिल्ली: रक्तदान करने वाले पुरुषों को अपने यौन व्यवहार से जुड़े सवालों के भी जवाब देने होंगे. भारत में गे पुरुषों के रक्तदान पर पहले से ही रोक है. हालांकि अब रक्तदान करने वाले पुरुषों से पूछा जाएगा कि कहीं उनके पार्टनर गे तो नहीं हैं. इतना ही नहीं ब्लड डोनर से पूछा जाएगा कि उनके एक से ज्यादा सेक्स पार्टनर तो नहीं है. मुंबई स्थित ब्लड बैंकों को हाल ही में नेशनल ब्लड ट्रांसफ्युजन काउंसिल की तरफ से नया फॉर्म मिले हैं. इसमें डोनर के चुनाव को लेकर नई गाइडलाइन्स तैयार की गई है. गाइडलाइन्स में कहा गया है कि गे और बाय-सेक्सुअल पुरुष, ट्रांसजेंडर और महिला यौनकर्मी कभी रक्तदान नहीं कर सकतीं, क्योंकि उनमें एचआईवी और हेपिटाइटिस बी और सी के संक्रमण का खतरा रहता है.Also Read - ब्लड बैंक ने नहीं दिया ब्लड, कमी से 18 साल की रिंकी ने छोड़ी दुनिया

इसके साथ ही कैंसर, ऑर्गन फेलियर, एलर्जी और सांस की बीमारी से जूझ रहे रोगियों को रक्तदान की इजाजत नहीं है. ब्लड बैंक के स्टाफ का कहना है कि ये सवाल विकसित देशों की तर्ज पर तैयार किए हैं. पहले के फॉर्म में सिर्फ यह पूछा जाता था कि क्या डोनर के पास कोई वजह है जिससे उन्हें ऐसा लगता हो वे हेपिटाइटिस, मलेरिया, एचआईवी या एड्स या अन्य रोगों से पीड़ित हैं. Also Read - प्रदेश के कई जिलों में चल रहा खून का काला कारोबार, डोनेशन में मिले खून को बेचने का आरोप

नए सवालों के तहत ब्लड कलेक्टर डोनर से पूछेंगे कि कहीं उनके मल्टीपल सेक्स पार्टनर तो नहीं या फिर उनके गे पार्टनर हैं? एक अधिकारी का कहना है कि यह हमारे लिए कठिन होने जा रहा है, लेकिन ऐसे मरीजों का फॉर्म को ज्यादा से ज्यादा सच्चा और वैज्ञानिक रखना भी जरूरी है. ऐसे सवाल विकसित देशों में पूछे जाते हैं. नैशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेन में ब्लड सेफ्टी के इन-चार्ज डॉ शोबिनी राजन ने बताया कि ऐसे सवाल डोनेशन से पहले की स्क्रीनिंग को और मजबूत बनाने के मकसद से तैयार किए गए हैं, क्योंकि ब्लड यूनिट का टेस्ट इकट्ठा करने के बाद तैयार किया जाता है. Also Read - Online portal to keep details of New Delhi's blood bank | नजदीकी ब्लड बैंक में ब्लड है कि नहीं एक क्लिक पर मिलेगी जानकारी