नई दिल्ली: देश के करीब 150 जिलों में केंद्रीय विद्यालय और 50 जिलों में जवाहर नवोदय विद्यालय अभी भी नहीं हैं, जबकि केंद्रीय विद्यालय संगठन की स्थापना नवंबर 1962 में और नवोदय विद्यालय समिति की स्थापना 1985 में हुई थी. मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आंकड़ों से यह बात सामने आई है. Also Read - IIT-JEE: आईआईटी रुड़की में खाली रह गईं 18 सीटें, HRD सचिव ने ट्वीट कर कहा सभी सीटें फुल

मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, तेलंगाना के 26 जिले, मणिपुर के सात जिले, अरूणाचल प्रदेश, असम के 6-6 जिले, पश्चिम बंगाल के तीन जिले, हरियाणा, महाराष्ट्र के एक-एक जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय नहीं है. Also Read - मानव संसाधन मंत्रालय के बाहर शुक्रवार को प्रदर्शन करेगा जेएनयू छात्र संघ, यह है मांग

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के ब्यौरे के अनुसार, तमिलनाडु ने अब तक नवोदय विद्यालय योजना को स्वीकार नहीं किया है.
मंत्रालय का कहना है कि देश के सभी जिले में एक-एक नवोदय विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं. Also Read - व्यवस्था का विरोध करना जेएनयू का पुराना इतिहास रहा है, समय के साथ होंगे बदलाव: सुब्रह्मण्यम

संसद के मानसून सत्र के दौरान एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, मध्य दिल्ली, मुंबई, मुंबई उप शहरी, हैदराबाद, कोलकाता जिलों में नवोदय विद्यालय मंजूर नहीं किए गए हैं, क्योंकि इन जिलों में कोई ग्रामीण आबादी नहीं है.