नई दिल्ली| भारत ने गुरुवार को कहा कि डोकलाम में यथास्थिति में कोई बदलाव नहीं किया गया है जहां पिछले साल करीब दो महीने तक भारत और चीन के सैनिकों के बीच गतिरोध की स्थित बनी रही थी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने इस तरह की धारणाओं को खारिज करते हुए कहा, हमारा ध्यान कुछ खबरों की ओर गया है जो डोकलाम में हालात के संबंध में सरकार की ओर से बताई गई स्थिति की सटीकता पर सवाल खड़ा करती हैं. Also Read - J&K Latest News: जम्‍मू-कश्‍मीर के पुंछ में पाकिस्‍तान की फायरिंग में JCO शहीद

उन्होंने कहा कि गतिरोध वाली जगह पर यथास्थिति में किसी तरह के बदलाव के बारे में बार बार पूछे गए सवालों के जवाब में सरकार कह चुकी है कि इस तरह के आरोपों का कोई आधार नहीं है. कुमार ने कहा कि सरकार एक बात फिर दोहराती है कि गतिरोध स्थल पर यथास्थिति में बदलाव नहीं किया गया है. इसके विपरीत कोई भी धारणा गलत और शरारतपूर्ण है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के बयान इस तरह की खबरों की पृष्ठभूमि में आये हैं कि चीन विवादित क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है. Also Read - भारत की मेजबानी में 30 नवंबर को एससीओ नेताओं की बैठक में भाग लेंगे चीन के प्रधानमंत्री

बीजेपी का कांग्रेस पर राष्ट्रहित की बलि देने का आरोप
कांग्रेस की ओर से डोकलाम के मुद्दे पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने के बाद सत्ताधारी बीजेपी ने गुरुवार आरोप लगाया कि मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रहित पर अपने हित को तवज्जो दे रही है. बीजेपी ने कहा कि चीन के प्रति कांग्रेस का प्रेम अब दिखने लगा है. Also Read - भारत ने US से लीज पर लिए बेहद खतरनाक Predator Drones, चीन से निपटने को LAC पर हो सकती है तैनाती

बीजेपी प्रवक्ता अनिल बलूनी ने कहा कि लोग कांग्रेस नेताओं के आरोपों की बजाय थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के बयानों पर यकीन करेंगे. जनरल रावत ने कल कहा था कि भारत और चीन के सीमा बल नियमित तौर पर बातचीत कर रहे हैं और पहले वाला ‘‘सौहार्द’’ लौट आया है.

डोकलाम इलाके में चीनी सेना की ओर से कुछ और निर्माण-कार्य करने की खबरें आने के बाद आज कांग्रेस नेताओं ने मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया. बलूनी ने पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस स्वार्थ की राजनीति कर रही है और राष्ट्रहित की बलि दे रही है. चीन के प्रति इसके नेताओं का प्रेम अब दिखने लगा है.

चीन के राजदूत से राहुल की मुलाकात
डोकलाम में भारतीय सेना जब चीनी सेना का सामना कर रही थी, तो इसके अध्यक्ष राहुल गांधी एक गोपनीय मुलाकात में चीनी राजनयिकों के साथ भोजन कर रहे थे. बलूनी डोकलाम गतिरोध के दौरान भारत में चीन के राजदूत से राहुल की मुलाकात का जिक्र कर रहे थे. उन्होंने बहरीन में राहुल के भाषण के दौरान चीन की कथित प्रशंसा और चीनी प्रतिनिधिमंडल से उनकी मुलाकात का भी जिक्र किया. बीजेपी नेता ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस ऐसी राजनीति कर रही है.
(भाषा इनपुट)