रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने गुरुवार को लोकसभा में कहा कि वायु सेना के लापता विमान एएन-32 का अभी तक कोई पुख्ता सुराग नहीं मिला है। रक्षा मंत्री ने कहा, “जहाजों से प्राप्त जानकारी के आधार पर और 24 तैरती वस्तुओं की पूरी तरह जांच के बावजूद लापता हुए एन-32 विमान के बारे में कोई ठोस सुराग अभी हाथ नहीं लगा है। पर्रिकर ने कहा, “तैरती हुई जिन वस्तुओं को बरामद किया गया था, उनकी जांच में पता चला है कि वे विमान का हिस्सा नहीं हैं।”

उन्होंने कहा कि नौसेना की पनडुब्बियां भी विमान की तलाशी में जुटी हैं और किसी जीवित यात्री या मलबे की तलाश के प्रयास को सतह तथा समुद्र के अंदर केंद्रित किया गया है। भारतीय वायु सेना का मालवाहक विमान 22 जुलाई को 29 लोगों को लेकर चेन्नई से अंडमान निकोबार द्वीप के पोर्ट ब्लेयर के लिए रवाना हुआ था। कुल 29 लोगों में चालक दल के छह सदस्य, वायु सेना, सेना, नौसेना तथा तट रक्षक के 15 कर्मी तथा आठ नागरिक हैं, जो कर्मियों के परिवार के सदस्य हैं। यह भी पढ़ें: वायुसेना के लापता विमान एएन-32 से जुड़ी 10 अहम बातें

एयर ट्रैफिक रडार के रिकॉर्डेड ट्रांसक्रिप्ट के मुताबिक, विमान अंतिम बार तब रडार पर चेन्नई से 151 नॉटिकल मील पूरब में था, जिसके बाद 23,000 फीट की ऊंचाई कम करते हुए वह बाईं ओर मुड़ा। पर्रिकर ने कहा, “तलाशी क्षेत्र को उपग्रहों के माध्यम से देखा जा रहा है। उपग्रह द्वारा भेजी गई तस्वीरों तथा विमानों के सर्वेक्षण से तैरती वस्तुओं व संभावित ट्रांसमिशन के बारे में कई जानकारियां मिली हैं। इन सभी की जहाजों व विमानों द्वारा अच्छी तरह जांच की गई है। रक्षा मंत्री ने कहा, “लेकिन, एएन-32 के बारे में अभी तक कोई पुख्ता सुराग हाथ नहीं लगा है।