नई दिल्ली। आज मोदी सरकार की सबसे बड़ी परीक्षा है. तेलुगुदेशम पार्टी की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में लंबी बहस होगी. आज लोकसभा में न प्रश्नकाल होगा और न ही लंच ब्रेक होगा. सत्तापक्ष को पूरा भरोसा है कि अविश्वास प्रस्ताव बुरी तरह गिर जाएगा. भाजपा को ये भी भरोसा है कि ये मौका उसे 2019 के चुनाव अभियान के लिए लांचपैड उपलब्ध करवा सकता है. वहीं, विपक्ष ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है और उसकी मंशा मत विभाजन कराकर अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में ज्यादा से ज्यादा वोटिंग के जरिए सरकार की किरकिरी कराने की होगी. 18 जुलाई को स्पीकर सुमित्रा महाजन ने अविश्वास प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इसे समर्थन देने का ऐलान किया है. गुरुवार को सभी दलों को बहस का समय आवंटित कर दिया गया. सबसे ज्यादा समय सत्तारुढ़ भाजपा को दिया गया है. Also Read - कूचबिहार की घटना पर बोले अमित शाह, 'ममता बनर्जी की सलाह ने लोगों को CISF पर हमले के लिए उकसाया'

Also Read - कौन अपनी दम पर पैदा कर रहा रोजगार, कितने हैं प्रवासी मजदूर, देश में पहली बार होगा सर्वे, मोदी सरकार की ये है योजना

बीजेपी को साढ़े तीन घंटे, कांग्रेस को 38 मिनट का समय Also Read - यूपी: इटावा में ट्रक पलटने से 12 श्रद्धालुओं की मौत, 45 घायल, पीएम मोदी ने जताया दुख

सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाला मुख्य दल तेलुगु देशम पार्टी लोकसभा में इस पर चर्चा की शुरुआत करेगा और अध्यक्ष ने उसे बोलने के लिए 13 मिनट का समय दिया है. पार्टी की ओर से जयदेव गल्ला पहले वक्ता होंगे. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को प्रस्ताव पर अपने विचार रखने के लिए 38 मिनट का समय दिया गया है. कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी, ज्योतिरादित्य सिंधिया और सदन में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे इस पर बोलेंगे.

अविश्वास प्रस्ताव: न प्रश्नकाल होगा, न लंच ब्रेक, हर पार्टी को बहस के लिए समय तय

सदन में बहुमत वाली सत्तारुढ़ भाजपा को चर्चा में तीन घंटे और 33 मिनट का समय दिया गया है. अन्य विपक्षी दल अन्नाद्रमुक , तृणमूल कांग्रेस , बीजू जनता दल (बीजद), तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) को 29 मिनट , 27 मिनट , 15 मिनट और नौ मिनट का समय दिया गया है. इसके अलावा टीएमसी को 27 मिनट, एआईडीएमके को 29 मिनट, सीपीएम को 7 मिनट, सपा को 6 मिनट, एनसीपी को 6 मिनट, एलजेपी को 5 मिनट दिए गए हैं.

बीजेपी को लांच पैड मिलने का भरोसा

संख्याबल अपने पक्ष में होने के कारण भाजपा को लगता है कि लोकसभा में कल विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा उसे आम चुनाव के लिए अपने अभियान का लॉंच पैड उपलब्ध कराएगी और साथ ही उसे सत्तारूढ़ राजग के बाहर के दलों का समर्थन मिलने में भी मदद मिल सकती है. लोकसभा में प्रभावी संख्या 534 सदस्यों की है और भाजपा नीत एनडीए के पास 312 सदस्य हैं. बहुमत का आंकड़ा 268 का है.

अविश्वास प्रस्ताव पर सवाल पूछा तो भाषा की मर्यादा भूल बैठे रामगोपाल यादव

भाजपा को उम्मीद है कि अन्नाद्रमुक, बीजद और टी आर एस जैसे क्षेत्रीय दल या तो उसका समर्थन करेंगे या अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से अनुपस्थित रहेंगे जिनके पास 37, 19 और 11 सदस्य हैं.  पार्टी अध्यक्ष अमित शाह सहित भाजपा के शीर्ष नेताओं ने अपने सहयोगियों और साथ ही अन्य दलों से भी संपर्क किया है. अमित शाह ने शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे से भी बात की. हालांकि उसने अपने पत्ते अभी तक नहीं खोले हैं. संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने विश्वास जताया कि सरकार को नए दलों से समर्थन मिलेगा. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने संकेत दिया कि हो सकता है कि उनकी पार्टी अन्नाद्रमुक अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन नहीं करे. वहीं, बीजेडी और टी आर एस ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं.

शाम 6 बजे पीएम मोदी का जवाब

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा सात घंटे तक चलने का कार्यक्रम है जिसके बाद शाम लगभग 6 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तर होगा. संसद में हालांकि चर्चा का समय अक्सर निर्धारित अवधि से परे चला जाता है. इसलिए इसके और लंबा खिंचने के आसार हैं. भाजपा पहले से ही प्रचार अभियान के मूड में है और प्रधानमंत्री मोदी देश के विभिन्न हिस्सों में रैलियों को संबोधित कर रहे हैं. ऐसे में पार्टी को उम्मीद है कि उनके जवाब से चुनावी अभियान को शक्ति मिलेगी. अगले लोकसभा चुनाव में 10 महीने से कम समय बचा है. कुमार ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के इस बयान का मजाक उड़ाया कि विपक्ष के पास अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में संख्याबल है. उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी का गणित कमजोर है.