नई दिल्ली. विपक्ष की ओर से नरेंद्र मोदी नीत राजग सरकार के खिलाफ पेश किए गए पहले अविश्वास प्रस्ताव पर आज लोकसभा में चर्चा शुरू हो गई. चर्चा की शुरूआत तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के जयदेव गल्ला ने की. इससे पहले बीजू जनता दल (बीजद) के सदस्य अविश्वास प्रस्ताव का बहिष्कार करते हुए सदन से वाकआउट कर गए. सदन में बीजद के 19 सदस्य हैं. अपने संबोधन के दौरान टीडीपी के सांसद जयदेव गल्ला ने कहा, ‘मोदी सरकार ने आंध्र प्रदेश के साथ वादा पूरा नहीं किया. चार साल में मोदी सरकार ने जनता के लिए कुछ नहीं किया. मोदी सरकार के झूठे वादों से जनता परेशान है. मोदी सरकार निष्पक्ष नहीं, जनता को गुमराह करती है. ये राजनीतिक लड़ाई नहीं, धर्मयुद्ध है.’ गल्ला ने कहा, ‘मोदी सरकार के कारण चुनौतियां पैदा हुईं. देश में अस्थिरता है, हमें इस अस्थिरता के माहौल से आजादी चाहिए.’ इससे पहले, अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होने से पूर्व ही बीजू जनता दल (बीजद) के सांसदों ने सदन से वॉक-आउट किया. वहीं, राजग के प्रमुख सहयोगी दल शिवसेना के सदस्यों ने इस मुद्दे पर चर्चा में भाग नहीं लेने का निर्णय लिया है. Also Read - PM मोदी ने सोशल वर्कर्स से कहा, Coronavirus पर गलत सूचना और अंधविश्वास को दूर करें

2019 के चुनाव से पहले शक्ति परीक्षण
संसद में 15 साल के बाद सरकार के खिलाफ लाया गया यह अविश्वास प्रस्ताव, एक प्रकार से वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी पार्टियों का शक्ति परीक्षण माना जा रहा है. कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल इस प्रस्ताव के जरिए एक तरफ मोदी सरकार और भाजपा पर दबाव बनाना चाहते हैं, वहीं उनका लक्ष्य है कि इस बहाने भाजपा के विरोधी दलों की एकजुटता भी देश के सामने आ जाए. यही वजह है कि टीडीपी के अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में कई विपक्षी पार्टियों ने अपनी सहमति जताई है. लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए टीडीपी सांसद जयदेव गल्ला का भाषण इन्हीं संदर्भों में देखा जा रहा है. गल्ला ने लोकसभा में अपने भाषण में कहा, ‘ये जंग तानाशाह और लोकतंत्र के बीच है.’ गल्ला के इस वक्तव्य पर सदन में भारी हंगामा हुआ. हालांकि शोर-शराबे के बीच उन्होंने अपना भाषण जारी रखते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश के सिर पर कर्ज थोपा गया. राज्य भारी आर्थिक बोझ के तले दबा हुआ है.

चर्चा से पहले पीएम मोदी ने की अपील
संसद के मानसून सत्र में तेलुगू देशम पार्टी की ओर से केंद्र सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने सभी विपक्षी पार्टियों से भावनात्मक अपील की है. अविश्वास प्रस्ताव पर आज संसद में चर्चा होनी है. इसके लिए सभी पार्टियों को लोकसभा में उनकी संख्याबल के हिसाब से समय अलॉट कर दिए गए हैं. सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी को जहां 3 घंटा 33 मिनट तक चर्चा में बहस करने का मौका दिया गया है, वहीं प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस को अपना पक्ष रखने के लिए कुल 38 मिनट का समय दिया गया है. इधर, अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा से पहले आज सुबह पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर इस दिन को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी पार्टियों के नेताओं से संसद में सार्थक बहस करने की अपील की है. पीएम मोदी ने कहा कि संसद की इस कार्यवाही को पूरे देश की जनता करीब से देखेगी.