नई दिल्ली। मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. शुक्रवार को लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी. शुक्रवार को लोकसभा में प्रश्नकाल नहीं होगा और न ही लंच ब्रेक होगा. शाम 6 बजे अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होगी. कांग्रेस, वामदल, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, टीडीपी, एऩसीपी और आरजेडी जैसे दलों ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट करने का ऐलान किया है. वहीं, एनडीए ने भी नंबर गेम में बाजी मारने के लिए रणनीति तैयार कर ली है.

बीजेपी को बहस के लिए सबसे ज्यादा वक्त

अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के लिए सभी दलों को समय आवंटित कर दिया गया है. बीजेपी को बहस के लिए 3.33 घंटे मिले हैं. वहीं, कांग्रेस को बहस के लिए 38 मिनट का वक्त मिला. अध्यक्ष राहुल गांधी, ज्योतिरादित्य सिंधिया और मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस की तरफ से बोलेंगे. इसके अलावा टीएमसी को 27 मिनट, एआईडीएमके को 29 मिनट, सीपीएम को 7 मिनट, सपा को 6 मिनट, एनसीपी को 6 मिनट, एलजेपी को 5 मिनट दिए गए हैं.

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लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने 18 जुलाई को मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार किया था जिस पर शुक्रवार 20 जुलाई को लोकसभा में चर्चा होगी. इसे लेकर बीजेपी और विपक्षी दलों के बीच रणनीति बनाने का दौर चल रहा है. नंबर गेम में हर कोई भारी पड़ना चाहता है. सभी पार्टियों ने अपने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर 20 जुलाई को लोकसभा में मौजूद रहने को कहा है.

सरकार को 314 सांसदों का समर्थन

सूत्र बता रहे हैं कि नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार को लोकसभा में 314 सदस्यों का समर्थन मिलेगा. निचले सदन में फिलहाल 535 सदस्य हैं. ऐसे में सरकार को 268 सांसदों के समर्थन की जरूरत है. इन 314 सांसदों की सूची में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का मत शामिल नहीं हैं. वह इंदौर से बीजेपी की सांसद हैं. संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि एनडीए एकजुट है और अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करेगा.

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समर्थन के लिए आज बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कई नेताओं का रुख किया. इनमें सबसे प्रमुख रहे शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे. बताया जा रहा है कि शिवसेना अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार का समर्थन करने जा रही है. इसके अलावा एनडीए को घटक दलों के अलावा अंबुमणि रामदास की अगुवाई वाले पीएमके और राजू शेट्टी के नेतृत्व वाले स्वाभिमानी पक्ष से भी समर्थन मिलने की उम्मीद है. हालांकि शेट्टी और रामदास अब एनडीए में शामिल नहीं हैं.