नई दिल्ली. संसद के मानसून सत्र में तेलुगू देशम पार्टी की ओर से केंद्र सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने सभी विपक्षी पार्टियों से भावनात्मक अपील की है. अविश्वास प्रस्ताव पर आज संसद में चर्चा होनी है. इसके लिए सभी पार्टियों को लोकसभा में उनकी संख्याबल के हिसाब से समय अलॉट कर दिए गए हैं. सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी को जहां 3 घंटा 33 मिनट तक चर्चा में बहस करने का मौका दिया गया है, वहीं प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस को अपना पक्ष रखने के लिए कुल 38 मिनट का समय दिया गया है. इधर, अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा से पहले आज सुबह पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर इस दिन को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी पार्टियों के नेताओं से संसद में सार्थक बहस करने की अपील की है. पीएम मोदी ने कहा कि संसद की इस कार्यवाही को पूरे देश की जनता करीब से देखेगी. Also Read - राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, बोले- अचानक बंद होने से भय और भ्रम पैदा हो गया है

रचनात्मक और व्यापक बहस की अपील
पीएम नरेंद्र मोदी ने आज सुबह सोशल मीडिया साइट टि्वटर पर किए गए अपने अपील में लोकसभा के सभी सदस्यों से अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सार्थक, रचनात्मक और व्यापक बहस करने का आह्वान किया है. पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में कहा है, ‘आज हमारे संसदीय लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण दिन है. मुझे पूरा भरोसा है कि मेरे साथी सांसद सहयोगी इस अवसर पर रचनात्मक, व्यापक और व्यवधान मुक्त बहस सुनिश्चित करेंगे.’ पीएम ने अपने पोस्ट में कहा है, ‘हमारे संविधान के निर्माताओं को हमें यह अवसर देने का श्रेय जाता है. आज भारत की जनता हमें करीब से देखेगी.’ पीएम मोदी की यह अपील ऐसे समय में आई है जब मानसून सत्र शुरू होते ही देशभर में मॉब-लिंचिंग की घटनाओं को लेकर गुरुवार को लोकसभा में विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया था और संसद की कार्यवाही बाधित हुई थी.

अविश्वास प्रस्ताव पर थोड़ी देर में शुरू होगी चर्चा

बहस के समय को लेकर भाजपा का राहुल पर तंज
लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विभिन्न पार्टियों को उनकी संख्याबल के अनुसार समय अलॉट किया जाता है. इस क्रम में आज होने वाली चर्चा के लिए प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस को 38 मिनट का समय दिया गया है. इसको लेकर भाजपा के कई नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए तंज कसा है. भाजपा के महासचिव राम माधव ने गुरुवार को एक ट्वीट करते हुए कहा, ‘कांग्रेस के पास संसद में भूकंप लाने के लिए 38 मिनट होंगे.’ वहीं, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मामलों के मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरिराज सिंह ने भी कांग्रेस पार्टी को बहस के लिए दिए गए समय पर व्यंग्य किया है. गिरिराज सिंह ने अपने ट्वीट में कहा है, ‘भूकंप के मजे लेने के लिए तैयार हो जाइए.’ बता दें कि वर्ष 2016 में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि अगर उन्हें संसद में बोलने का मौका दिया जाता है तो भूकंप आ जाएगा.

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कांग्रेस ने प्रस्ताव को बदलाव से जोड़ा
भाजपा नेताओं ने जहां अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष पर तंज कसे हैं, वहीं कांग्रेस ने इसे 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में जनता की बदलाव करने की इच्छा से जोड़ा है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने अपने एक ट्वीट में कहा है, ‘अविश्वास प्रस्ताव, सरकार के प्रति, रुपए में रिकॉर्ड गिरावट और जांच एजेंसियों के प्रति है. जनता 2019 में बदलाव के लिए वोट करने का इंतजार कर रही है.’ गौरतलब है कि संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन तेलुगू देशम के सांसदों ने आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव रखा. इसे लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने स्वीकार कर लिया. नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ यह पहला अविश्वास प्रस्ताव है. इससे पहले वर्ष 2003 में तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था. वाजपेयी सरकार के खिलाफ लाया गया यह प्रस्ताव गिर गया था और सरकार की जीत हुई थी. मौजूदा नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार के खिलाफ लाए गए इस अविश्वास प्रस्ताव में जीत हासिल करने के लिए सत्तारूढ़ भाजपा सरकार को 268 वोटों की जरूरत है, जबकि राजग के कुल सदस्यों की संख्या 312 है. 535 सदस्यीय लोकसभा में अकेले भारतीय जनता पार्टी के ही 274 सांसद हैं.