नई दिल्ली: एक ओर जहां देश भर में सीएएस और एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन चल रहे हैं, वहीं केंद्र की सत्‍तारूढ़ सरकार ने संसद में बताया है कि अभी राष्ट्रीय स्तर पर एनआरसी लाने पर अब तक कोई निर्णय नहीं किया गया है. यह बात केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक प्रश्‍न के जवाब में ये बता कही है. Also Read - बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद गोरखा समस्या का समाधान हो जाएगा: अमित शाह

देश के कई स्थानों पर संशोधित नागरिकता कानून(सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के बीच सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर एनआरसी लाने के बारे में अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ है. Also Read - West Bengal Polls: PM मोदी का ममता बनर्जी पर हमला, 'बंगाल में गवर्नेंस के नाम पर दीदी ने किया बड़ा गड़बड़झाला'

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन में चंदन सिंह और नमा नागेश्वर राव के प्रश्नों के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी. राय ने कहा, ”अभी तक एनआरसी को राष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है.” सदस्यों ने सवाल किया था कि क्या सरकार की पूरे देश में एनआरसी लाने की कोई योजना है? Also Read - कूचबिहार की घटना पर बोले अमित शाह, 'ममता बनर्जी की सलाह ने लोगों को CISF पर हमले के लिए उकसाया'

बता दें कि सीएए और एनआरसी के विरोध में विरोधी दलों समेत कई संगठन करीब दो माह से इस मुद्दे पर भारी विरोध में उतरे हैं. पिछले साल 15 दिसंबर से सीएए और एनआरसी के विरोध में शाहीन बाग में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं.

संशोधित नागरिकता कानून और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शन के कारण कालिंदी कुंज- शाहीन बाग मार्ग और ओखला अंडरपास से आवाजाही पर पिछले वर्ष 15 दिसंबर से ही पाबंदियां लगी हुई हैं.