नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव और उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव के बीच लगता है कि सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. दरअसल तेज प्रताप यादव ने शनिवार को ट्वीट किया, मेरा सोंचना है कि मैं अर्जुन को हस्तिनापुर की गद्दी पर बैठाऊं और खुद द्वारका चला जाऊँ. अब कुछेक “चुग्लों” को कष्ट है कि कहीं मैं किंग मेकर न कहलाऊं. तेज प्रताप यादव के इस ट्वीट के बाद मीडिया में चर्चा होने लगी कि दोनों भाइयों के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. Also Read - बिहार में चुनाव प्रचार रथ निकालेगी भाजपा, कहा- आरजेडी का जंगलराज याद दिलाएंगे

शाम होते होते उन्होंने मीडिया चैनलों से बातचीत में कहा कि उनकी बात पार्टी में नहीं सुनी जाती. एएनआई से बातचीत में तेज प्रताप ने कहा कि हम एंटी सोशल एलिमेंट को पार्टी से बाहर निकालेंगे. उन्होंने कहा कि राजेंद्र पासवान जैसे लोग हमारे लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं. लालूजी, राबड़ी जी और तेजस्वी से बात कर हमने उन्हें पार्टी में पद दिलाया. उन्होंने कहा कि उन्हें मेहनत का फल देने में इतना लेट क्यों हुआ.

उन्होंने कहा कि पार्टी के लोग हमारा फोन नहीं उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मेरे भाई और मुझमें कोई अंतर नहीं है. उन्होंने कहा कि मैं उन लोगों को पार्टी से निकाल के बाहर कर दूंगा जो हम भाइयों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि सीनियर नेता ऐसे लोगों की पहचान करें और उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाएं.

तेजप्रताप ने एक और ट्वीट कर अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी दी है. तेजप्रताप ने लिखा, संघीयों.., अफवाह फैलाने की कोशिश मत करो और कान खोलकर सुन लो “तेजस्वी मेरे कलेजे का टुकड़ा है. उन्होंने कहा कि असमाजिक तत्व पार्टी और लालू यादव को तोड़ने में लगे हैं लेकिन उनका सपना पूरा नहीं होने देंगे. उन्होंने कहा कि असमाजिक तत्वों को पार्टी से बाहर निकालने का काम करेंगे.