नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जान से मारने की धमकी वाला ई-मेल नहीं मिला है. एक अधिकारी ने शनिवार को इस बात की जानकारी दी. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, वह खबरें जिसमें यह कहा जा रहा था कि आयुक्त को प्रधानमंत्री को जान से मारने वाली धमकी का ईमेल प्राप्त हुआ है, वह पूर्णतया निराधार और झूठी हैं.

बता दें कि पहले सूचना थी कि इस बार ई-मेल के माध्यम से पीएम को जान से मारने की धमकी मिली है. दिल्ली पुलिस कमिश्नर को धमकी भरा मेल मिलने की बात की जा रही थी. कहा जा रहा था कि एक लाइन के ई-मेल में पीएम मोदी को जान से मारने की धमकी दी गई है. मेल में 2019 के किसी महीने का जिक्र भी होने की बात की जा रही थी. ई-मेल के पूर्वोत्तर राज्य असम के किसी जिले से भेजे जाने का जिक्र था.

धमकी के आरोप में गिरफ्तार हैं लोग
इससे पहले भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में पांच संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद नक्सलियों की ओर से पीएम मोदी की हत्या की साजिश रचे जाने का खुलासा हुआ था. नक्सलियों के संपर्क में रहने के आरोप में दिल्ली से गिरफ्तार किए गए रोना जैकब विल्सन के पास से मिली चिट्ठी से साजिश का खुलासा हुआ था. हालांकि यह पहली बार नहीं है कि किसी ने पीएम मोदी को जान से मारने की धमकी दी हो. 2014 में मोदी के पीएम बनते ही उनकी सुरक्षा व्‍यवस्‍था को काफी मजबूत कर दिया गया था.

बढ़ाई जा चुकी है सुरक्षा
धमकियों के चलते ही पीएम बनने के बाद नरेंद्र मोदी की सुरक्षा घेरा को अचूक बना दिया गया है. मोदी की सिक्युरिटी पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की तुलना में दोगुनी है.उनकी सुरक्षा में विभिन्न घेरों के तहत एक हजार से ज्यादा कमांडो तैनात रहते हैं. सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस आयुक्त को मिले इस ईमेल के बाद सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान हो चुका है. पीएम मोदी अपनी पार्टी का प्रचार करने के लिए कई रैलियां करने वाले हैं. ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती हैं.