नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोविड पर काबू के लिए लागू लॉकडाउन की स्थितियों के कारण बाल शोषण के मामलों में वृद्धि और कोरोना वायरस के कारण वित्तीय कठिनाइयों की वजह से देश भर में बाल विवाह के मामलों में वृद्धि के आंकड़ों के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है. महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने एक सवाल के जवाब में राज्यसभा को बताया कि उनके मंत्रालय ने महामारी के दौरान बच्चों की देखभाल और सुरक्षा के लिए राज्य सरकारों तथा केंद्रशासित प्रदेशों को दिशानिर्देश जारी किए हैं.Also Read - Kisanon Ka Loan Maaf Hoga Ya Nahin: क्या माफ होगा किसानों का कर्ज? लोकसभा में भारत सरकार ने दिया बड़ा बयान

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा मुहैया करायी गयी जानकारी के अनुसार, कोविड से संबंधित लॉकडाउन स्थितियों के कारण बाल उत्पीड़न के मामलों में वृद्धि और कोरोना वायरस के कारण हुयी वित्तीय कठिनाइयों की वजह से बाल विवाह के मामलों में वृद्धि के आंकड़ों के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं है. Also Read - Coronavirus cases In India: 1 दिन में कोरोना संक्रमण से 422 लोगों की हुई मौत, 40 हजार से अधिक लोग संक्रमित

स्मृति ईरानी ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में पिछले पांच वर्षों के दौरान राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) को मिले और निपटाए गए शिकायतों की संख्या का विवरण दिया. आंकड़ों के अनुसार, 2016-17 से 2020-21 के बीच पांच वर्षों में आयोग को 50,857 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 20,836 का निपटारा कर दिया गया है. सबसे अधिक 9,572 शिकायतें मध्य प्रदेश से मिलीं जबकि उत्तर प्रदेश से 5,340, छत्तीसगढ़ से 4,685 और ओडिशा से 4,276 शिकायतें मिली हैं. Also Read - Tamil Nadu Lockdown Update: कोयंबटूर में सोमवार से लागू होंगे नए कोविड प्रतिबंध, जानिए क्या हैं नए नियम

(इनपुट भाषा)