Rajnath Singh, China, LAC, standoff, LAC standoff, NEWS: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा है कि पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गतिरोध को लेकर चीन के साथ कूटनीतिक और सैन्‍य स्‍तर की बातचीत से कोई समाधान नहीं निकला और अभी वहां यथास्थिति है. भारत और चीन के बीच वार्ता चल रही है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है. सैन्य स्तर पर अगले दौर की वार्ता होगी जो कभी भी हो सकती है. लेकिन कोई सार्थक परिणाम नहीं आया है और यथास्थिति है. मुझे नहीं लगता कि यथास्थिति सकारात्मक विकास है. रक्षा मंत्री ने कहा, ”भारत का तेज फोकस है. ‘जो हमे छेड़ेगा हम उसे छोड़ेंगे नहीं’. हम सभी देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहते हैं Also Read - पाकिस्तान की अदालत ने मुंबई हमले के षडयंत्रकर्ता हाफिज सईद के तीन सहयोगियों को सुनाई सजा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के चीन की विस्तारवादी नीति के लक्ष्य के बारे में सवाल पर कहा, यदि कोई देश विस्तारवादी है और हमारी भूमि पर कब्जा करने की कोशिश करता है, तो भारत के पास अपनी जमीन, किसी के हाथ में नहीं जाने देने की ताकत, क्षमता और शक्ति है, चाहे वह दुनिया का कोई भी देश हो. Also Read - ममता बनर्जी का बड़ा बयान, बोलीं- भारत जैसे बड़े देश के लिए हों 4 राष्ट्रीय राजधानी

जो हमे छेड़ेगा हम उसे छोड़ेंगे नहीं
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एएनआई से पूछा कि क्या सीमा पर इस साल की घटना चीन-पाक के बीच संभावित मिलीभगत का नतीजा है? तो रक्षा मंत्री ने कहा, ”भारत का तेज फोकस है. ‘जो हमे छेड़ेगा हम उसे छोड़ेंगे नहीं’. हम सभी देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहते हैं.

रक्षा मंत्री ने यह बात न्‍यूज एजेंसी एएनआई से एक विशेष इंटरव्‍यू में कही है. रक्षा मंत्री ने कहा, यदि यही स्थिति बनी रहती है, तो सैनिकों की तैनाती में कई नहीं की जाएगी.

हमारी तैनाती में कोई कमी नहीं होगी
राजनाथ सिंह ने कहा, अगर यथास्थिति है, तो यह स्वाभाविक है कि कैसे तैनाती को कम किया जा सकता है. हमारी तैनाती में कोई कमी नहीं होगी और मुझे लगता है कि उनकी तैनाती भी कम नहीं होगी. हमारी अपेक्षा यह है कि वार्ता के सकारात्मक परिणाम हों.

अगल चरण की वार्ता कभी भी हो सकती है
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इंडिया-चाइना बॉर्डर अफेयर्स पर वर्किंग मैकनिज्‍म फॉर कंसल्‍टेशन एंड को-ऑर्डिनेशन (wmcc)ने इस महीने की शुरुआत में ऑनलाइन चर्चा की और अगल चरण की वार्ता कभी भी हो सकती है.

अभी तक कोई भी अर्थपूर्ण परिणाम निकलकर सामने नहीं आया
रक्षा मंत्री ने कहा, यह सच है कि भारत और चीन के बीच गतिरोध को कम करने के लिए कूटनीतिक और सैन्‍य स्‍तर की बातचीत होती रही है, लेकिन अभी तक इसमें कोई सफलता नहीं हासिल हुई है. अगले चरण में सैन्‍य स्‍तर की बातचीत कभी भी हो सकती है. लेकिन अभी तक कोई भी अर्थपूर्ण परिणाम निकलकर सामने नहीं आया है और यथास्थिति बनी हुई है.

सेना की तैनाती में कमी नहीं की जा सकती है
रक्षा मंत्री ने कहा, यदि यथास्थिति है, तो यह स्‍वाभाविक है कि सेना की तैनाती में कमी नहीं की जा सकती है. मैं नहीं मानता हूं कि यथास्थिति एक सकारात्‍मक डवलपमेंट है. चर्चाएं जारी हैं.

पिछली सरकारों पर सवाल नहीं, मोदी सरकार की नंबर एक की प्राथमिकता राष्‍ट्रीय सुरक्षा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, मैं पिछली सरकारों पर सवाल नहीं उठाना चाहता, लेकिन मैं कह सकता हूं कि जब से पीएम मोदी ने सत्ता संभाली है, राष्ट्रीय सुरक्षा एक नंबर की प्राथमिकता रही है और हम अपने रक्षा बलों को अधिकतम सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं.

जरूरत पड़ने पर आतंकवादी ठिकानों पर हमला कर सकते हैं
रक्षा मंत्री सिंह ने कहा, अपने अस्तित्व के बाद से पाक सीमा पर नापाक हरकतों में लिप्त रहा है. हमारे सैनिकों ने साबित कर दिया है कि न केवल इस तरफ, बल्कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए वे दूसरी तरफ जा सकते हैं और जरूरत पड़ने पर आतंकवादी ठिकानों पर हमला कर सकते हैं. भारत में वह क्षमता है.

भारत अपने गौरव से समझौता नहीं करेगा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, भारत अपने स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी चीज़ को बर्दाश्त नहीं करेगा. नरम होने का मतलब यह नहीं है कि कोई भी हमारे गौरव पर हमला कर सकता है और हम चुपचाप बैठकर देखते हैं. भारत अपने गौरव से समझौता नहीं करेगा.

हम किसी भी देश पर हमला करने के लिए बुनियादी ढांचे का विकास नहीं कर रहे हैं
रक्षा मंत्री ने कहा, चीन अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में बहुत से बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है. भारत सीमा पर लोगों के लिए और वहां सैनिकों के लिए तीव्र गति से बुनियादी ढांचा विकसित कर रहा है. हम किसी भी देश पर हमला करने के लिए बुनियादी ढांचे का विकास नहीं कर रहे हैं, लेकिन अपने लोगों के लिए कर रहे हैं.

किसानों के आंदोलन पर किसी भी देश को टिप्‍पणी नहीं करना चाहिए
मैं किसी भी देश के प्रधानमंत्री के बारे में कहना चाहूंगा कि भारत के आंतरिक मामलों के बारे में टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए. भारत को किसी भी बाहरी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है. यह हमारा आंतरिक मामला है. किसी भी देश को हमारे आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है.

कुछ ताकतों ने किसानों के बीच कुछ गलतफहमियां पैदा करने की कोशिश की है
रक्षा मंत्री ने कहा, कुछ ताकतों ने किसानों के बीच कुछ गलतफहमियां पैदा करने की कोशिश की है. हमने कई किसानों से भी बात की है. किसानों से मेरा केवल यही अनुरोध है कि खंड-वार चर्चा की जानी चाहिए और हां ’या ‘नहीं’ उत्तर की तलाश करनी चाहिए. हम संकल्प लेंगे.