नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल परिसर में स्थित मस्जिद में जुमे की नमाज के लिए बाहरी व्यक्तियों के शामिल होने पर प्रतिबंध लगाने के आगरा प्रशासन के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी. न्यायमूर्ति ए के सिकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने कहा कि ताजमहल दुनिया के सात अजूबों में से एक है और लोग दूसरी मस्जिदों में भी नमाज पढ़ सकते हैं. ताज महल मस्जिद प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सैयद इब्राहीम हुसैन जैदी ने इस याचिका मे आगरा प्रशासन के 24 जनवरी , 2018 के आदेश को चुनौती दी थी. इस आदेश में कहा गया था कि सुरक्षा कारणों से आगरा के बाहर के निवासियों को ताजमहल परिसर में स्थित मस्जिद में जुमे की नमाज में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी. Also Read - विकास दुबे एनकाउंटर: स्थिति रिपोर्ट पेश करेगी यूपी सरकार, 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

याचिकाकर्ता का कहना था कि पूरे साल अनेक पर्यटक आगरा आते हैं और उन्हें ताजमहल के भीतर स्थित मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोकने का अतिरिक्त जिलाधीश का आदेश मनमाना और गैरकानूनी है. पीठ ने सवाल किया ,‘ इस नमाज के लिये उन्हें ताजमहल में ही क्यों जाना चाहिए. और भी दूसरी मस्जिदें हैं. वे वहां नमाज पढ़ सकते हैं. Also Read - श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर: SC का राज परिवार के पक्ष में फैसला, केरल Govt ने दी ये प्रतिक्र‍िया

गौरतलब है कि ताजमहल परिसर में नमाज अदा करने वालों को अपना पहचान पत्र लेकर जाना अनिवार्य है. जिला प्रशासन की ओर से जारी किए गए निर्देश के अनुसार, ताजमहल परिसर में किसी बाहरी व्यक्ति को नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. हालांकि स्थानीय लोग नमाज अदा करने के लिए ताजमहल परिसर में जा सकते हैं. Also Read - ICAI CA July Exam 2020: आईसीएआई ने रद्द की CA जुलाई की परीक्षा, जानिए एग्जाम से जुड़ीं तमाम बातें

इस तरह के निर्देश साल 2013 में भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) की ओर से जारी किए गए थे लेकिन उनका ठीक से पालन नहीं किया गया. एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (सिटी) के. पी. सिंह ने बताया कि पर्यटकों के लिए ताजमहल बंद होने के बावजूद बाहरी लोगों के प्रवेश से विश्व धरोहर की सुरक्षा बुरी तरह प्रभावित होती है. ताजमहल पर हर शुक्रवार को तीनों गेटों पर मजिस्ट्रेट तैनात रहेते हैं. ताज की सुरक्षा में लगे प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल जांच पड़ताल के बाद ही स्थानीय व्यक्तियों को नमाज के लिए अंदर प्रवेश की अनुमति देते हैं.