नई दिल्ली: देश के अंदर तथा बाहर काले धन की राशि का कोई सरकारी अनुमान नहीं होने का दावा करते हुए सरकार ने मंगलवार को कहा कि भारत द्वारा 130 से अधिक देशों के साथ किए गए समझौते, देशों के बीच कर उद्देश्यों के लिए सूचना के आदान प्रदान की अनुमति देते हैं, जिनमें विदेशों में रखे गए काले धन संबंधी सूचना भी शामिल हैं.

वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि काले धन का पता लगाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं.

उन्होंने बताया कि इस संबंध में भारत सरकार ने 130 से अधिक देशों के साथ दोहरे कराधान निषेध समझौता (डीटीएए), कर सूचना विनिमय समझौता (टीआईईए), कर मामलों (एमएसी) में परस्पर प्रशासनिक सहायता पर बहुपक्षीय समझौते किए हैं. ठाकुर ने बताया कि ये समझौते देशों के बीच कर उद्देश्यों के लिए सूचना के आदान प्रदान की अनुमति देते हैं जिनमें विदेशों में रखे गए काले धन संबंधी सूचना भी शामिल है.

वित्त राज्य मंत्री ने हालांकि, कहा कि देश के अंदर और बाहर काले धन की राशि का कोई सरकारी अनुमान नहीं है. उन्होने कहा कि भारत ने 2017 से सूचना का स्वत: आदान प्रदान प्रारंभ किया है. इस पहल में भारत की अग्रणी भूमिका रही है, जिसके परिणामस्वरूप व्यापक पैमाने पर विदेशों से सूचना प्राप्त की गई है.