नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को आम आदमी के डर को दूर करते हुए कहा कि लोगों को 21 दिन के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान जरूरी सामान और दवाओं की उपलब्धता को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि केन्द्र सरकार और राज्य सरकारें इसे सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम रही हैं. Also Read - Colleges in Gujarat closed: कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर गुजरात में सभी कॉलेज 30 अप्रैल तक बंद

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हम साथ मिलकर कोविड-19 से लड़ेंगे और स्वस्थ भारत बनाएंगे.’ मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करने के तुरंत बाद ट्वीट किया, ‘मेरे प्रिय देशवासियों घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं. केंद्र सरकार और राज्य सरकारें जरूरी सामान और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर मिलकर काम करेंगी.’ प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आज रात से 21 दिन के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की है. Also Read - Corona Spike in UP: यूपी में COVID19 के 15,353 नए केस आए इलाहाबाद HC में कल से ऑनलाइन सुनवाई

पीएम ने कहा, ”मेरे साथी नागरिकों, दहशत में आने की जरूरत नहीं है. आवश्यक वस्तुएं, दवाएं आदि उपलब्ध होंगी. केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारें इसे सुनिश्चित करने के लिए निकट समन्वय में काम करेंगी. साथ मिलकर हम COVID19 से लड़ेंगे और एक स्वस्थ भारत बनाएंगे. जय हिंद !” Also Read - COVID Vaccine: भारत में Sputnik को मिल सकती है 10 दिन में मंजूरी, वैक्‍सीनेशन का आंकड़ा 10 करोड़ हुआ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से कोरोना वायरस से फैल रहे संक्रमण की गंभीरता को समझने और घरों में रहने की अपील करते हुए मंगलवार आधी रात से अगले 21 दिन तक देश भर में संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की है. इस फैसले को एक तरह से कर्फ्यू घोषित करते हुए उन्होंने आगाह किया कि कोरोना वायरस के संक्रमण चक्र को तोड़ने के लिये अगर इन 21 दिनों में नहीं संभले तो देश 21 साल पीछे चला जाएगा.

– कोरोना वायरस संक्रमण से पैदा संकट पर राष्ट्र के नाम संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा, ”आज रात 12 बजे से पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन होने जा रहा है.” उन्होंने कहा “हिंदुस्तान को बचाने के लिए, हिंदुस्तान के हर नागरिक को बचाने के लिए आज रात 12 बजे से घरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई जा रही है.”

– मोदी ने कहा, ”देश के हर राज्य को, हर केंद्र शासित प्रदेश को, हर जिले, हर गांव, हर कस्बे, हर गली-मोहल्ले को अब लॉकडाउन किया जा रहा है.” उन्होंने कहा, यह एक तरह से कर्फ्यू ही है और जनता कर्फ्यू से थोड़ा ज्यादा सख्त है.

-प्रधानमंत्री ने कहा कि निश्चित तौर पर इस लॉकडाउन की एक आर्थिक कीमत देश को उठानी पड़ेगी. लेकिन, उन्होंने कहा, इस समय ”एक-एक भारतीय के जीवन को बचाना मेरी, भारत सरकार की, देश की हर राज्य सरकार की और हर स्थानीय निकाय की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.”

-संबोधन के दौरान हाथ जोड़कर लोगों से सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील करते हुए मोदी ने कहा, आने वाले 21 दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने कहा, स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना वायरस के संक्रमण चक्र को तोड़ने के लिए कम से कम 21 दिन का समय बहुत अहम है.

– पीएम मोदी ने लोगों से अपील की कि “चाहे जो हो जाय, घर में रहें और एक ही काम करें कि अपने घर में रहें.” उन्होंने कहा, यह धैर्य और अनुशासन का समय है और जब तक देश में लॉकडाउन की स्थिति है सबको अपना संकल्प और वचन निभाना है.

-मोदी ने कहा, “लॉकडाउन ने आपके घर के दरवाजे पर एक लक्ष्मण रेखा खींच दी है और आपको समझना है कि आपका घर से निकलने वाला एक कदम कोरोना को घर में ला सकता है.” उन्होंने कहा कि कोरोना से बचने का इसके अलावा कोई तरीका नहीं है, कोई रास्ता नहीं है. कोरोना को फैलने से रोकना है, तो इसके संक्रमण की चक्र को तोड़ना ही होगा.

– कोरोना वायरस को लेकर सरकार के उपायों की जानकारी देते हुए मोदी ने कहा कि कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए देश के स्वास्थ्य आधारभूत ढांचे को और मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने आज 15 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है. उन्होंने कहा इस राशि से कोरोना से जुड़ी जांच की सुविधा, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, पृथक इकाई की व्यवस्था, आईसीयू बेड, वेंटिलेटर और अन्य जरूरी संसाधनों की संख्या तेजी से बढ़ाई जाएगी .

मोदी ने कहा, ”मैंने राज्य सरकारों से अनुरोध किया है कि इस समय उनकी पहली प्राथमिकता, सिर्फ और सिर्फ स्वास्थ्य सेवाएं ही होनी चाहिए.” पीएम ने लोगों से कोरोना वायरस को लेकर अफवाह और अंधविश्वास से बचने की सलाह दी और कहा कि इस बीमारी के लक्षणों के दौरान बिना डॉक्टरों की सलाह के कोई भी दवा न लें.

– पीएम मोदी ने लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण की भयावहता के प्रति आगाह करते हुए बताया कि चीन में संक्रमण का पता लगने के बाद पहले एक लाख लोग संक्रमित होने में 67 दिन लगे और फिर इसे 2 लाख लोगों तक पहुंचने में सिर्फ 11 दिन और दो लाख संक्रमित लोगों से तीन लाख लोगों तक ये बीमारी पहुंचने में सिर्फ चार दिन लगे. पीएम ने कहा, यही वजह है कि चीन,अमेरिका, फ्रांस,जर्मनी, स्पेन, इटली, ईरान जैसे देशों में जब संक्रमण फैलना शुरू हुआ तो हालात बेकाबू हो गए.

-प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए उम्मीद की किरण, उन देशों से मिले अनुभव हैं जो कोरोना को कुछ हद तक नियंत्रित कर पाए हैं. उन्होंने कहा कि “चाहे प्रधानमंत्री हो या कोई और हो.. हमें घरों में रहना है . हमें उन डॉक्टरों, नर्सों, पैरा-मेडिकल स्टाफ, पैथोलाजिस्ट के बारे में सोचना है जो इस महामारी से एक-एक जीवन को बचाने के लिए दिन रात अस्पताल में काम कर रहे हैं.”