नई दिल्‍ली: पूर्वी लद्दाख में भारतीय एवं चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के कुछ ही दिनों बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शुक्रवार को अचानक लेह पहुंचे. पीएम का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेना के बीच गतिरोध जारी है. पीएम मोदी के अचानक इस दौरे पर चीन ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि किसी पार्टी को किसी भी एक्‍शन में संलिप्‍त नहीं होना चाहिए, इससे इस प्‍वाइंंट पर तनाव बढ़ सकता है. Also Read - Russia Vaccine Update: रूस ने बना ली कोरोना की वैक्सीन, क्या भारत भी करेगा इस्तेमाल, जानें एम्स की राय

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता झाओ लिजियन ने कहा है कि किसी पार्टी को किसी भी एक्‍शन में संलिप्‍त नहीं होना चाहिए, इससे इस प्‍वाइंंट पर  तनाव बढ़ सकता है. Also Read - रूस में कोरोना की वैक्सीन ‘Sputnik V’ बनकर तैयार, भारत सहित 20 देशों ने दिया 100 करोड़ डोज का ऑर्डर

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता झाओ लिजियन ने कहा, भारत और चीन लगातार सैन्य और कूटनीति बातचीत के जरिए जारी तनाव को कम करने में लगे हुए हैं. ऐसे में किसी भी पार्टी को कुछ भी ऐसा नहीं करना चाहिए, जिससे इस प्‍वाइंट पर तनाव पैदा हो.

प्रधानमंत्री मोदी अचानक लेह पहुंचे, जवानों से की बातचीतपूर्वी लद्दाख में भारतीय एवं चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के कुछ ही दिनों बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अचानक लेह पहुंचे. यहां उन्होंने थलसेना, वायुसेना और आईटीबीपी के जवानों से बातचीत की.

पीएम मोदी, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के साथ सुबह करीब साढ़े नौ बजे लेह पहुंचे. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री इस समय निमू में एक अग्रिम स्थल पर हैं. वहां उन्होंने थलसेना, वायुसेना एवं आईटीबीपी के कर्मियों से बातचीत की. उन्होंने बताया कि सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को सीमा की स्थिति से अवगत कराया.

सिंधु नदी के तट पर 11,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित निमू सबसे दुर्गम स्थानों में से एक है. यह जंस्कार पर्वत श्रृंखला से घिरा हुआ है. मोदी ने रविवार को आकाशवाणी पर मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देश को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत ने लद्दाख में अपनी भूमि पर आंख उठाकर देखने वालों को करारा जवाब दिया है.

पीएम ने यह भी कहा था कि भारत मित्रता की भावना का सम्मान करता है, लेकिन यदि कोई उसकी भूमि पर आंख उठाकर देखता है तो वह इसका उचित जवाब देने में भी सक्षम है. गलवान घाटी में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के साथ हिंसक झड़प में शहीद हुए 20 जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत के वीर सपूतों ने दिखा दिया कि वे कभी भी मां भारती के गौरव को आंच नहीं आने देंगे.