Vijay Karur Rally: अब नेशनल-स्टेट हाईवे पर नहीं होगी कोई राजनीतिक रैली! करूर भगदड़ के बाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

अब तक इस मामले में सिर्फ दो लोगों की गिरफ्तारी पर भी कोर्ट ने संदेह जताया और अधिकारियों से आगे की कार्रवाई के बारे में सवाल किए. यह जांच सुनिश्चित करेगी कि लापरवाही करने वाले बचे नहीं.

Published date india.com Published: October 3, 2025 10:51 PM IST
Vijay Karur Rally: अब नेशनल-स्टेट हाईवे पर नहीं होगी कोई राजनीतिक रैली! करूर भगदड़ के बाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
Vijay Rally Stampede

तमिलनाडु के करूर में अभिनेता से नेता बने विजय (Vijay) की पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) की रैली के दौरान हुई भीषण भगदड़ ने सबको हिला कर रख दिया था, जिसमें 40 लोगों की मौत हो गई थी. इस दुखद घटना के बाद, मद्रास हाई कोर्ट ने सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. कोर्ट ने राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों (नेशनल-स्टेट हाईवे) पर सभी राजनीतिक रैलियों, रोडशो और सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी है. यह प्रतिबंध तब तक लागू रहेगा जब तक इन कार्यक्रमों के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOPs) तैयार नहीं हो जातीं.

हाई कोर्ट ने क्यों लगाई रैलियों पर रोक?

मद्रास हाई कोर्ट ने भीड़ प्रबंधन में लापरवाही और पुलिस की कार्यशैली पर सख्त नाराजगी व्यक्त की है, साथ ही करूर त्रासदी की जांच के लिए एक SIT भी बनाई है. मद्रास हाई कोर्ट ने यह बड़ा आदेश कई जनहित याचिकाओं (PILs) पर सुनवाई करते हुए दिया. न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार ने टिप्पणी की कि करूर घटना के वीडियो देखना दर्दनाक है. उन्होंने कहा कि जब तक सुरक्षा नियम यानी SOPs फाइनल नहीं हो जाते, तब तक हाईवे पर जनसभाएं खतरे का कारण बन सकती हैं. राज्य सरकार ने भी कोर्ट को भरोसा दिया है कि वह SOPs बनने तक केवल सेलेक्टेड स्थानों पर ही रैलियों की अनुमति देगी. यह फैसला भीड़ की सुरक्षा के लिए अत्यंत जरूरी है.

पुलिस और TVK पार्टी को फटकार

कोर्ट ने पुलिस प्रशासन पर भी सख्त टिप्पणी की, खासकर अभिनेता विजय की बस दुर्घटना को लेकर. कोर्ट ने पूछा कि जब दुर्घटना हुई तो पुलिस ने खुद केस दर्ज क्यों नहीं किया. कोर्ट का कहना था कि शिकायत न मिलने पर भी पुलिस को मामला दर्ज करना चाहिए. इसके साथ ही, कोर्ट ने TVK पार्टी को भी फटकार लगाई कि इतनी बड़ी भीड़ जुटने के बावजूद उन्होंने सार्वजनिक सुरक्षा को नजरअंदाज किया और बच्चों को बचाने में नाकाम रहे. करूर भगदड़ की गहराई से जांच करने के लिए मद्रास हाई कोर्ट ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है. IG (उत्तर) असरा गर्ग के नेतृत्व में यह टीम घटना की जांच करेगी. कोर्ट ने करूर पुलिस को निर्देश दिया है कि वह तत्काल सारे दस्तावेज SIT को सौंप दे.

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