नई दिल्लीः केंद्रीय पर्यटन और आईटी मंत्री केजी अल्फोंस ने आधार को लेकर विवादित बयान दिया है. अल्फोंस ने कहा कि वीजा के लिए नंगे होने में किसी को कोई अपत्ति नहीं है, लेकिन आधार के लिए बॉयोमीट्रिक्स देने में समस्या है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अमेरिकी वीजा के लिए जब हम दस पेजों की अपनी निजी जानकारी फॉर्म में भरते हैं तो उसमें किसी को कोई परेशानी नहीं होती. हमें वीजा के लिए अपने फिंगरप्रिंट्स देने और अंग्रेजों के सामने नंगे होने में भी कोई परेशानी नहीं होती, लेकिन भारतीय सरकार जो कि आपकी अपनी सरकार है, आपसे आपका नाम और पता पूछती है तो यह सभी को अपनी निजता पर अतिक्रमण लगता है.

केंद्रीय मंत्री का बयान ऐसे समय में आया है जब आधार की प्राइवेसी और फेसबुक डाटा लीक को लेकर पूरी दुनिया में नए सिरे से चिंता व्यक्त की जा रही है. अल्फोंस ने कहा कि पिछले साढ़े तीन सालों में भारत में किसी भी आधार उपभोक्ता के बॉयोमीट्रिक्स डाटा के लीक होने का मामला सामने नहीं आया है. भारत सरकार लोगों के डाटा की हिफाजत कर रही है और यह इसलिए संभव हो रहा है क्योंकि हम इसके लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्हें समय-समय पर अपग्रेड कर रहे हैं.

मंत्री ने कहा कि आधार में नाम और पते के अलावा क्या होता है. उन्होंने कहा कि उनका बायोमीट्रिक डाटा यूआईडीएआई के पास है और मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि पूरी तरह सुरक्षित है. अल्फोंस ने कहा कि क्या आपको लगता है कि आपके डाटा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक प्राइवेट कंपनी को देंगे. इस तरह की फेक स्टोरी पर यकीन न करें.