Monsoon Session News: देश में जारी कोरोना के कहर के बीच शुरू होने वाले संसद का मॉनसून सत्र (Monsoon Session) भी बदला-बदला नजर आएगा. लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही में कुछ अहम बदलाव किए गए हैं. राज्यसभा सचिवालय की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, मॉनसून सत्र के दौरान प्रश्नकाल (Question Hour) नहीं होगा. इसके अलावा कार्यवाही के दौरान निजी सदस्य भी नहीं रहेंगे.Also Read - बीजेपी के साथ हमारी कहानी ख़त्म, लोकसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय मोर्चा बनाएं क्षेत्रीय दल: सुखबीर सिंह बादल

हालांकि, शून्य काल और अन्य कार्यवाही अनुसूची के अनुसार आयोजित की जाएगी. संसद के मॉनसून सत्र का आयोजन 14 सितंबर से 1 अक्टूबर तक होगा. मॉनसून सत्र में भाग लेने वालों को आवश्यक कोरोनो वायरस प्रोटोकॉल का पालन करना होगा, जिसमें 72 घंटों के भीतर COVID-19 का परीक्षण करना भी शामिल है. Also Read - हरियाणा में चपरासी की नौकरी के लिए पीएचडी होल्डर कर रहे एप्लाई, कांग्रेस ने कहा- इस स्थिति के लिए BJP जिम्मेदार

शीर्ष सरकारी सूत्रों ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया है कि संसद का मॉनसून सत्र रोजाना आयोजित किया जाना है, यहां तक कि सप्ताहांत पर भी कोई ब्रेक नहीं होगा. दोनों सदनों की कार्यवाही दैनिक आधार पर आयोजित की जाएगी. पहले दिन यानी 14 सितंबर को लोकसभा की कार्यवाही सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक, जबकि राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे से 7 बजे तक आयोजित की जाएगी. Also Read - कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को किसानों ने काले झंडे दिखाए, जानें किस बात का हुआ विरोध

14 सितंबर के बाद राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक और लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे से 7 बजे तक निर्धारित है. संसद की कार्यवाही के दौरान कोरोना महामारी को देखते हुए सरकार द्वारा हर एहतियाती कदम उठाए जाएंगे.

उधर, विपक्षी पार्टियां कांग्रेस और टीएमसी ने संसद में प्रश्नकाल नहीं होने को लेकर सरकार पर हमला बोला है. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ट्वीट कर कहा, ‘मैंने चार महीने पहले कहा था कि ताकतवर नेता लोकतंत्र और असहमति को दबाने के लिए महामारी का बहाना करेंगे. संसद सत्र के लिए अधिसूचना जारी की गई, जिसमें कहा गया कि प्रश्नकाल नहीं होगा. हमें सुरक्षित रखने नाम पर इसे ऐसे उचित ठहराया जा सकता है?

थरूर ने सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, ‘सरकार से सवाल करना संसदीय लोकतंत्र में ऑक्सीजन की तरह है. यह सरकार संसद को एक नोटिस बोर्ड तक सीमित करना चाहती है और अपने भारी बहुमत का रबर स्टैम्प की तरह इस्तेमाल करके जो भी चाहे पास कराना चाहती है. जवाबदेही को बढ़ावा देने वाले तंत्र को अब दूर कर दिया गया है.’

उधर, TMC सांसद डेरेक ओ ब्रायन (Derek O’Brien) ने भी सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि जब संसद के बाकी कामकाज के घंटे पहले की तरह ही समान हैं तो प्रश्नकाल रद्द क्यों किया गया? ब्रायन ने आरोप लगाया है कि महामारी का बहाना करके लोकतंत्र की हत्या की जा रही है.

वहीं, सरकार की तरफ से प्रश्नकाल हटाए जाने की वजह बताई गई है. इसके अनुसार प्रश्नकाल के लिए बड़ी संख्या में अधिकारी मंत्रियों को सवालों से जुड़ी जानकारियां देने के लिए आते हैं. कोरोना संकट के दौरान लोगों की आवाजाही को कम करने के लिए इस कदम को उठाया गया है.

(इनपुट: ANI)