मुंबई। बंबई हाई कोर्ट ने बलात्कार और ठगी की एक शिकायत के सिलसिले में अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पत्नी और उनके पुत्र को गिरफ्तारी से बचने के लिए अंतरिम राहत देने से आज इंकार कर दिया. यह शिकायत दिल्ली की एक महिला ने दायर की है. दिल्ली की एक अदालत ने इसी सप्ताह कहा था कि मिथुन की पत्नी योगिता बाली और उनके पुत्र महाअक्षय उर्फ मिमोह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार है. Also Read - सुशांत की मौत और कोरोना के कारण जन्मदिन नहीं मनाएंगे मिथुन चक्रवर्ती, हुए 68 साल के 

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अदालत से नहीं मिली राहत Also Read - मिथुन चक्रवर्ती के बेटे नमाशी के लिए सलमान खान ने किया ये काम, अब बन सकता है करियर! 

दिल्ली की अदालत के आदेश के बाद महाअक्षय और उनकी मां ने बंबई हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उन्होंने अदालत से गिरफ्तारी पूर्व जमानत या राष्ट्रीय राजधानी में संबंधित अदालत से संपर्क करने तक गिरफ्तारी से अंतरिम राहत का अनुरोध किया था. न्यायमूर्ति अजय गडकरी ने उनकी याचिका खारिज कर दी और अंतरिम राहत प्रदान करने से इंकार कर दिया.

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उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी पूर्व जमानत के लिए दोनों दिल्ली में संबंधित अदालत से संपर्क कर सकते हैं. शिकायतकर्ता ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि महाअक्षय ने उसके साथ ठगी की और शादी का झांसा देकर करीब चार साल तक शारीरिक संपर्क बनाने के बाद दुष्कर्म किया.

ये है मामला

मामला महाअक्षय की शादी से जुड़ा है. कुछ दिन पहले मिथुन के बेटे महाअक्षय और शिकायतकर्ता महिला का रिश्‍ता तय हुआ था और दोनों के इसी महीने शादी करने की चर्चाएं थीं. मदालसा बॉलीवुड अभिनेत्री शीला शर्मा तथा डायरेक्‍टर सुभाष शर्मा की बेटी हैं. मदालसा गणेश आचार्य की फिल्‍म एंजल में काम भी कर चुकी हैं. अभी यह स्‍पष्‍ट नहीं है कि रेप और धोखाधड़ी का आरोप किसने लगाया है, लेकिन इन आरोपों से बॉलीवुड में हलचल मच गई है.