नई दिल्ली: पीएनबी धोखाधड़ी मामले में लोकसभा में चल रहा गतिरोध अभी जारी रह सकता है क्योंकि इस मुद्दे का समाधान निकालने के लिए लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन द्वारा बुलाई गई बैठक बेनतीजा रही. विपक्षी दल कार्यस्थगन की अपनी मांग पर अड़े रहे. सुमित्रा महाजन की ओर से बुलाई गई सभी दलों के नेताओं की बैठक में विपक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि पीएनबी धोखाधड़ी मामले पर चर्चा कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत हो. बैठक में मौजूद विपक्ष के कुछ नेताओं ने कहा कि मुद्दे का समाधान नहीं निकल सका क्योंकि एक राय नहीं बन सकी. विपक्ष इस बात पर भी जोर दे रहा है कि सदन में चर्चा उस नियम के तहत कराया जाए जिसमें मतदान का प्रावधान हो.

कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत सदन में सामान्य कामकाज स्थगित करने का प्रावधान है जो अभूतपूर्व स्थिति में होता है. आमतौर पर सरकार इसे स्वीकार करने से हिचकती है. उल्लेखनीय है कि पंजाब नेशल बैंक धोखाधड़ी मामले में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस एवं कुछ अन्य विपक्षी दलों के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही तीन दिनों से नहीं चल पा रही है. हालांकि, स्पीकर सुमित्रा महाजन ने बैठक के बाद उम्मीद जताई कि सभी दल सदन की बैठक चलने देने में सहयोग करेंगे.

लोकसभा: सदन में छाया रहा पीएनबी धोखाधड़ी मामला

इससे पहले पीएनबी धोखाधड़ी मामले, आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम को लागू करने, कावेरी मामला सहित कुछ अन्य मुद्दों को लेकर कांग्रेस एवं अन्य दलों के भारी हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही बुधवार को एक बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई. बजट सत्र के दूसरे चरण के तीसरे दिन लोकसभा में पीएनबी धोखाधड़ी मामला छाया रहा और कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस सहित कुछ अन्य दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने का प्रयास करते हुए नारेबाजी की. अन्नाद्रमुक, तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), वाईएसआर कांग्रेस, माकपा, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) और शिवसेना ने अलग-अलग मुद्दे उठाते हुए आसन के समीप आकर सदन में नारेबाजी की. हंगामे की वजह से लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी. दोपहर 12 बजे कार्यवाही आरंभ होने पर स्थिति की ज्यों की त्यों की बनी रही.

कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने पीएनबी धोखाधड़ी मामले को उठाया और अध्यक्ष के आसन के नजदीक पहुंचकर नारेबाजी की. वे ‘नीरव मोदी कहां है, प्रधानमंत्री जवाब दो’ के नारे लगा रहे थे. वहीं, आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम को पूरी तरह लागू करने और विशेष पैकेज की मांग को लेकर तेदेपा सदस्य भी नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के निकट पहुंच गए. उनके हाथों में तख्तियां थीं और वे ‘वी वांट जस्टिस’ के नारे लगा रहे थे. वाईएसआर कांग्रेस के सदस्यों ने भी इसी मुद्दे को लेकर नारेबाजी की. पिछले दो दिनों से सदन में कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड के गठन का मुद्दा उठा रहे अन्नाद्रमुक के सदस्यों ने आज तमिलनाडु में प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और राजनेता पेरियार की प्रतिमा को कथित तौर पर क्षतिग्रस्त किए जाने का मुद्दा उठाया. टीआरएस के सदस्यों ने भी राज्य में आरक्षण कोटे में बढ़ोतरी के मुद्दे पर अपनी मांग को लेकर लोकसभा अध्यक्ष के आसन के निकट पहुंचकर नारेबाजी की. शिवसेना के सदस्य मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे थे. शोर-शराबे के बीच गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने की मांग पर विचार करेगी. माकपा के सदस्यों ने त्रिपुरा में लेनिन की प्रतिमा गिराए जाने के मामले को उठाया और नारेबाजी की. शोर शराबा थमता नहीं देख सुमित्रा महाजन ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी. इन्हीं मुद्दों को लेकर सोमवार और मंगलवार को भी सदन की कार्यवाही बाधित हुई थी और पूरे दिन के लिए कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी.

राज्यसभा: हंगामे के साथ हुई बैठक की शुरुआत, फिर दिन भर के लिए स्थगित

इधर राज्यसभा में भी कुछ राज्यों में नामचीन हस्तियों की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त किए जाने, पीएनबी घोटाला मामले, कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन और आंध्र प्रदेश को विशेष पैकेज देने की मांग जैसे मुद्दों को लेकर विभिन्न दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही लगातार तीसरे दिन भी बाधित रही. इस वजह से उच्च सदन की बैठक एक बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई. हंगामे के कारण सदन में लगातार तीसरे दिन भी प्रश्नकाल और शून्य काल, दोनों नहीं हो सके. संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हुआ था और उसी दिन से सदन में गतिरोध बना हुआ है.

बुधवार को सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति ने आसन के सामने नारेबाजी कर रहे सदस्यों से अपने स्थानों पर लौट जाने और कार्यवाही आगे चलने देने की अपील की. लेकिन सदन में व्यवस्था नहीं बनते देख उन्होंने बैठक 11 बज कर करीब दस मिनट पर ही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी. दोपहर दो बजे बैठक शुरू होने पर भी हंगामा जारी रहा। कांग्रेस, तेदेपा, माकपा, तृणमूल, द्रमुक आदि दलों के सदस्य आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करने लगे. शोरगुल के बीच ही संसदीय कार्य राज्य मंत्री विजय गोयल ने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। लेकिन सदन में हंगामा नहीं थमा और कुरियन ने कुछ मिनट के अंदर ही बैठक दिन भर के लिए स्थगित कर दी।