नई दिल्ली। केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने आज कहा कि जम्मू कश्मीर में अलगाववादियों के साथ बातचीत संभव है लेकिन यह बिना किसी शर्त के ही हो सकती है. महर्षि का कार्यकाल कल पूरा हो रहा है. उन्होंने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख की दोषसिद्धि के बाद कानून व्यवस्था स्थिति से निपटने में कथित नाकामी के लिए हरियाणा सरकार पर दोषारोपण से इंकार कर दिया. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठकर किसी स्थिति के बारे में फैसला करना उचित नहीं है क्योंकि कानून व्यवस्था तेजी से बदलने वाली चीज है.Also Read - Jammu and Kashmir: कश्मीर घाटी के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित, गैर स्थानीय नागरिकों की हत्याओं....

अलगाववादियों के साथ बातचीत की संभावना के बारे में उन्होंने कहा कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कई बार स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार कश्मीर में बातचीत के लिए तैयार है. उन्होंने कहा, ‘‘हम बातचीत चाहते हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं नहीं समझता कि कोई बातचीत पूर्व-शर्तों के साथ हो सकती है.’’ उनसे सवाल किया गया था कि क्या केंद्र बिना किसी शर्त के जम्मू कश्मीर में अलगाववादियों के साथ बातचीत के लिए इच्छुक है. Also Read - कश्मीर में हाई अलर्ट: उरी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स और इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप पर हमला कर सकते हैं आतंकी

गृह सचिव ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि पाकिस्तान आतंवादियों के वित्तपोषण सहित विभिन्न तरीकों से कश्मीर में आतंकवाद को प्रायोजित कर रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान आतंकवाद को प्रायोजित कर रहा है, पाकिस्तान कश्मीर में घुसपैठ सुनिश्चित कर रहा है और पाकिस्तान कश्मीर में आतंकवाद को वित्तपोषित कर रहा है.’’ कश्मीरी युवाओं में कथित अलगाव की भावना के बारे में पूछे जाने पर महर्षि ने कहा कि अलगाव ‘‘दिल्ली मीडिया की सोच’’ है और कश्मीर के लिए वास्तविक मुद्दा आतंकवाद और कट्टरता है. Also Read - जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जारी किया इमरजेंसी अलर्ट, 'गैर स्थानीय मजदूरों को तत्काल नजदीकी सुरक्षा शिविरों में शिफ्ट करें'

उन्होंने कहा, ‘‘कट्टरता और आतंकवाद मुख्य मुद्दे हैं, जिनसे हम निपट रहे हैं. एक मुख्यमंत्री ने कहा था कि कश्मीर में 95 प्रतिशत लोग शांति चाहते हैं. कश्मीर के युवाओं की भी वही आकांक्षा है जो देश के शेष हिस्से के युवाओं के है, अच्छी शिक्षा, अच्छा रोजगार और एक अच्छा जीवन.’’ गृह सचिव ने कहा कि कश्मीरी अलगाववादियों के आतंकी वित्तपोषण की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा की जा रही जांच का वांछित असर हुआ है और यह अलगाववादियों तथा पत्थरबाजों की गतिविधियों में दिख रहा है.

केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने आतंकी वित्तपोषण की एनआईए जांच का जिक्र करते हुए कहा कि एजेंसी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कर रही है और इसे तार्किक परिणति तक ले जाया जाएगा. उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार जो दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

भाषा इनपुट