नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने गुरुवार को उन खबरों को खारिज कर दिया जिसमें संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों में से एक की मौत होने का दावा किया गया था. Also Read - दिल्ली में प्राइवेट एम्बुलेंस सेवाओं के लिए अधिकतम कीमत तय की गई, 'आदेश न मानने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई'

सीएए के खिलाफ 15 दिसंबर को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई में एक छात्र के मारे जाने की खबरें आ रही थीं. हालांकि, जिस अस्पताल में वह भर्ती था, उस अस्पताल ने बताया कि मृतक प्रदर्शनकारी नहीं था और उसकी मौत चेचक की वजह से हुई. Also Read - Oxygen Home Delivery in Delhi: अब कोरोना रोगियों के घर पहुंचाई जाएगी ऑक्सीजन, दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला; यहां करें अप्लाई

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी अहमद अजीम के मुताबिक, उन्होंने प्रॉक्टर कार्यालय को बता दिया है कि मृतक जामिया विश्वविद्यालय का छात्र नहीं था. Also Read - BJP एमपी ने दी चेतावनी, TMC के सांसद, मुख्यमंत्री, विधायकों को दिल्ली में भी आना होगा

जामिया के जनसंपर्क अधिकारी ने कहा, ”जेएमआई (जामिया) यह स्पष्ट करना चाहेगा कि वह हमारा छात्र नहीं था. हमें नहीं पता कि उसकी मौत कैसे हुई. सूत्रों का कहना है कि वह प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था और विश्वविद्यालय के पास ही किसी इलाके में ठहरा था.

अजीम ने कहा, ”सीएए के खिलाफ प्रदर्शन में 15 दिसंबर को आंसू गैस के गोले से घायल होने के बाद अब्दुर्रहमान/ उबैदुर्रहमान नाम के लड़के की मौत होने की फर्जी खबरें सोशल मीडिया पर फैली हैं, जिसे जामिया का छात्र बताया जा रहा है.”