Delhi-Noida Border News: दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर एक साल से अधिक समय से चल रहे किसानों का आंदोलन ‘खत्म’ (Farmers Protest End) हो गया है. 11 तारीख से किसान सिंघु बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर (Ghazipur Border) समेत तमाम जगहों से घर लौटना शुरू कर देंगे. इसका मतलब यह हुआ कि नोएडा से दिल्ली जाने वाले (Noida-Delhi Border News) और दिल्ली से नोएडा (Delhi-Noida Border Update) आने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है. हालांकि किसानों ने कहा है कि यह आंदोलन खत्म नहीं हुआ है, बल्कि स्थगित हुआ है. किसान यहां से हटने के बाद 13 दिसंबर को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में अरदास करेंगे और अपने घरों को लौटेंगे.Also Read - 'जब दूसरों के सपनों को पूरा करना सफलता का पैमाना बन जाए तो कर्तव्य पथ इतिहास रचता है', अधिकारियों के साथ बैठक में PM मोदी

सरकार की तरफ से मिले नए प्रस्ताव पर किसान संगठनों में सैद्धांतिक सहमति बन गई थी, हालांकि गुरुवार दोपहर को इस पर लंबी चर्चा के बाद फैसला लिया गया. सिंधु बॉर्डर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) के बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि हमारी 15 जनवरी को एक समीक्षा बैठक होगी, जिसमें यह तय किया जाएगा कि सरकार ने हमारी कितनी मांगों को मान लिया है. Also Read - PM मोदी अलग अलग जिलों के DM संग करेंगे संवाद, अधिकारियों से सरकारी योजनाओं का लेंगे फीडबैक

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प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अगर 15 जनवरी तक किसानों की मांगें पूरी नहीं की गई तो हम प्रदर्शन फिर से शुरू कर सकते हैं. किसान नेता शिव कुमार कक्का ने कहा कि किसानों की ऐतिहासिक जीत, हम उन लोगों से माफी मांगते हैं जिन्हें प्रदर्शन के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा.

किसानों और सरकार के बीच हफ्ते की शुरुआत से ही बात चल ररही थी. मंगलवार को सरकार ने किसानों को एक चिट्ठी भेजी थी, जिसमें MSP पर कमेटी बनाने, मुआवजे पर सैद्धांतिक सहमति और आंदोलन खत्म करने पर मुकदमों की वापसी की बात कही गई थी. सरकार की तरफ से भेजे गए पत्र में कहा गया कि MSP की गारंटी पर समिति बनाई, जिसमें SKM से किसान नेता शामिल रहेंगे. इसके साथ-साथ देश भर में हुए किसानों पर हुए मुकदमे वापस लिये जाएंगे.

सरकार की तरफ से भेजे गए खत में कहा गया है कि सरकार मृत किसानों को मुआवजा देगी. साथ ही साथ बिजली बिल को सरकार SKM से चर्चा करने के बाद संसद में लाएगी. वहीं, पराली जलाने पर भी किसानों पर कार्रवाई नहीं होगी.