Noida Protest News: नोएडा में आखिर क्यों भड़के कर्मचारी? जानिए किन मांगों को लेकर कर रहे प्रदर्शन

Noida Protest News Today: उत्तर प्रदेश के नोएडा में हजारों निजी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर भारी हंगामा कर दिया है. जगह-जगह तोड़फोड़ के साथ-साथ वाहनों में आगजनी की गई है.

Published date india.com Updated: April 13, 2026 2:27 PM IST
Noida Protest News: नोएडा में आखिर क्यों भड़के कर्मचारी? जानिए किन मांगों को लेकर कर रहे प्रदर्शन
Image- PTI

Noida Workers Protest Demands: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक केंद्र नोएडा में सोमवार (13 अप्रैल 2026) को भारी बवाल हो गया. निजी कंपनियों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों का गुस्सा आज सुबह अचानक फूट पड़ा, जिसने देखते ही देखते उग्र आंदोलन का रूप ले लिया.

नोएडा के फेज-2 में कर्मचारियों ने न केवल सड़कों को जाम किया, बल्कि आगजनी, पत्थरबाजी और तोड़फोड़ के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की. स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े. हैरानी की बात यह है कि रविवार रात को ही प्रशासन और सरकार ने कर्मचारियों की अधिकतर मांगें मान ली थीं, इसके बावजूद आज सुबह बवाल और बढ़ गया.

सरकार ने किन मांगों पर दी थी सहमति?

रविवार को जिलाधिकारी और औद्योगिक प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में श्रमिकों के आर्थिक हितों को सुरक्षित करने के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए थे. प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि श्रमिकों को अतिरिक्त काम के लिए उनकी नियमित दर से दोगुनी मजदूरी दी जाएगी और इसमें किसी भी प्रकार की कटौती को अपराध माना जाएगा.

समय पर मिलेगा वेतन, बोनस का भुगतान

प्रत्येक माह की 10 तारीख तक कर्मचारियों के बैंक खातों में एकमुश्त वेतन पहुंचना अनिवार्य कर दिया गया. वेतन के साथ सैलरी स्लिप देना अनिवार्य किया गया ताकि श्रमिक अपनी कटौतियों को समझ सकें. त्योहारों के मद्देनजर 30 नवंबर तक सभी पात्र श्रमिकों को उनके बैंक खातों में बोनस की राशि देने के निर्देश दिए गए.

इन मांगों पर अड़े कर्मचारी

प्रशासन के आश्वासनों के बावजूद, सोमवार को आंदोलन का दायरा बढ़ गया. नोएडा के फेज-2 और ईकोटेक थर्ड (औद्योगिक विहार) क्षेत्र की लगभग 500 कंपनियों के कर्मचारी इस प्रदर्शन में शामिल हुए. प्रदर्शनकारी मजदूरों का कहना है कि उनकी मुख्य मांगों पर अब तक कोई ठोस जमीनी कार्रवाई नहीं हुई है. उनकी प्रमुख मांगें ये हैं-

  • न्यूनतम वेतन में वृद्धि- मजदूरों की सबसे बड़ी मांग है कि उनके न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर ₹26,000 प्रति माह किया जाए.
  • कार्य समय का निर्धारण- काम के घंटे तय हों और 8 घंटे से अधिक काम करने पर अतिरिक्त दबाव न बनाया जाए.
  • साप्ताहिक अवकाश- प्रत्येक कर्मचारी को सप्ताह में एक दिन का अनिवार्य अवकाश सुनिश्चित किया जाए.
  • मजदूरों का आरोप है कि उन्हें प्रतिदिन मात्र ₹500 से ₹700 की दिहाड़ी मिलती है, जो मौजूदा महंगाई के दौर में गुजारे के लिए अपर्याप्त है.
  • श्रम कानूनों का सख्ती से पालन- कंपनियों द्वारा 10-12 घंटे काम कराने और बोनस न देने जैसी प्रथाओं पर रोक लगाई जाए.

सीएम योगी का कड़ा रुख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि माहौल बिगाड़ने वाले अराजक तत्वों और साजिशकर्ताओं की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने और श्रमिकों के साथ संवाद स्थापित कर शांति बहाल करने को कहा गया है.

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उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (श्रम) ने बताया कि सरकार नवीन श्रम संहिता के अंतर्गत न्यूनतम वेतन की गारंटी, समान कार्य हेतु समान वेतन, और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी ईपीएफ एवं ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है.

जगह-जगह लगा लंबा जाम

इस बवाल के कारण नोएडा की लाइफलाइन मानी जाने वाली कई सड़कें पूरी तरह बाधित हो गईं. सेक्टर-62, फेज-2 और एनएच-9 के आसपास भीषण ट्रैफिक जाम लगा रहा, जिससे ऑफिस जाने वाले हजारों लोग घंटों फंसे रहे. फिलहाल, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन श्रमिकों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहा है.

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