Non-Bailable Warrant Against Digvijay Singh: हैदराबाद की एक अदालत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) के खिलाफ मानहानि के एक मामले में गैर जमानती वारंट जारी किया. यह मामला उनके खिलाफ 2017 में दायर किया गया था. सांसदों/विधायकों के खिलाफ मामलों पर सुनवाई के लिये गठित विशेष अदालत ने दिग्विजय सिंह के उसके समक्ष उपस्थित होने में विफल रहने के बाद गैर जमानती वारंट जारी किया.Also Read - Maharashtra News: मालेगांव की मेयर सहित कांग्रेस के 30 में से 27 पार्षदों ने थामा NCP का दामन

दिग्विजय सिंह के खिलाफ मानहानि का यह मामला AIMIM नेता एस ए हुसैन अनवर ने दायर किया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि सिंह ने यह कहकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की मानहानि की है कि हैदराबाद के सांसद की पार्टी वित्तीय लाभों के लिये दूसरे राज्यों में चुनाव लड़ रही है. याचिकाकर्ता के वकील, मोहम्मद आसिफ अमजद ने कहा कि उन्होंने दिग्विजय सिंह और लेख प्रकाशित करने वाले एक उर्दू दैनिक के संपादक दोनों को कानूनी नोटिस भेजे थे और माफी मांगने को कहा था, लेकिन उन दोनों ने जवाब नहीं दिया. इसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया. Also Read - UP Election 2022: यूपी में 'भागीदारी परिवर्तन मोर्चा' बना, ओवैसी, बाबू सिंह कुशवाहा और मेश्राम मिलकर लड़ेंगे चुनाव

सुनवाई की पिछली तारीख के दौरान, अदालत ने निर्देश दिया था कि दिग्विजय सिंह और संपादक 22 फरवरी को उसके समक्ष उपस्थित हों. अमजद ने बताया कि संपादक ने ऐसा किया, लेकिन सिंह अदालत में पेश नहीं हुए. अमजद ने कहा कि दिग्विजय सिंह के वकील ने एक याचिका दायर करके चिकित्सा आधार पर उपस्थिति से छूट की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया और गैर जमानती वारंट जारी किया. Also Read - UP Elections 2022: यूपी में AIMIM का दो पार्टियों से गठबंधन, ओवैसी बोले- जीते तो बनेंगे दो सीएम

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 8 मार्च को तय की है. सिंह के वकील ने कहा कि उन्होंने कार्यवाही को रद्द करने के लिए उच्च न्यायालय के समक्ष पहले ही रोक को बढ़ाने के लिये याचिका दायर कर दी है.

(इनपुट: भाषा)