प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि पूर्वोत्तर में भारत के विकास की वृद्धि का इंजन बनने की क्षमता है. साथ ही उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र में अब शांति स्थापित हो रही है.Also Read - Amar Jawan Jyoti: गणतंत्र दिवस 2022 से पहले अमर जवान ज्योति को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की लौ में मिलाने का सरकार फैसला

मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मणिपुर जल आपूर्ति परियोजना की आधारशिला रखते हुए यह बात कही. Also Read - इंडिया गेट पर लगेगी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा, फिलहाल होलोग्राम स्टैच्यू दिखेगा; जानें क्या है होलोग्राम तकनीक

मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि नाकेबंदी मणिपुर में इतिहास की बात हो गई है. असम में दशकों की हिंसा का युग समाप्त हो गया है. Also Read - Punjab Opinion Poll 2022 , Janta ka Mood: जानें पंजाब में किस पार्टी को फायदा, कौन सत्ता के कितने करीब

उन्होंने कहा कि त्रिपुरा और मिजोरम में भी युवाओं ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है और ब्रू-रियांग शरणार्थी अब बेहतर जीवन की राह पर बढ़ रहे हैं.

मोदी ने कहा कि चाहे वह राजमार्ग हो, रेलवे ट्रैक बिछाना हो अथवा हवाई अड्डों को अद्यतन करना हो, सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र में संपर्क बेहतर करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि आधारशिला रखने का कार्यक्रम इस बात का उदाहरण है कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पैदा हुए संकट के दौरान भी देश में काम बंद नहीं हुए हैं.

उन्होंने कहा कि टीका विकसित होने तक हमें करोना वायरस संक्रमण से पूरी ताकत के साथ लड़ना है साथ ही विकास कार्यों को भी पूरी ताकत से आगे बढ़ाना है.

‘मणिपुर जल आपूर्ति परियोजना’ का मकसद ग्रेटर इंफाल योजना क्षेत्र में शेष घरों में पाइप के जरिए स्वच्छ जलापूर्ति कराना और मणिपुर के सभी 16 जिलों में 2,80,756 घरों के साथ 1,731 ग्रामीण बस्तियों में जलापूर्ति करना है.