नई दिल्ली: भारत में वॉन्टेड चल रहे विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक का कहना है कि उसने भारत में कोई कानून नहीं तोड़ा है. इस्लाम के दुश्मनों ने उन्हें निशाना बनाया है. मलेशिया में एक सभा में नाइक ने ये बात कही. 53 साल के जाकिर नाइक पर मनी लॉन्ड्रिंग और हेट स्पीच के आरोप हैं. नाइक मलेशिया में रह रहा है. वह यहां का स्थाई निवासी बन चुका है. शनिवार को नोर्थ मलेशिया की राजधानी कंगर में नाइक ने कहा कि उसने भारत में कई कानून नहीं तोड़ा. उसने कहा कि इस्लाम के प्रचार प्रसार के लिए उसे टारगेट किया जा रहा है. नाइक ने कहा कि उसने हमेशा शांति और मानवता को आगे बढ़ाया है. वे लोग जिन्हें शांति पसंद नहीं है वे उसे भी पसंद नहीं करते.

इससे पहले नाइक खुद को बेगुनाह बता चुका है. जाकिर का दावा है कि उसने कभी भी आतंकवाद को बढ़ावा नहीं दिया है और उसका मकसद हमेशा सांप्रदायिक शांति और एकता को बढ़ावा देना रहा है. एक बयान में नाइक ने दावा किया था कि उसपर आतंकवाद, घृणित भाषण और धन शोधन का आरोप लगाने के लिए मीडिया ने छेड़छाड़ की गई वीडियो क्लिप, संदर्भ से बाहर उद्धधरण और कई अन्य अनुचित तरीके अपनाएं.

नाइक ने कहा था कि मेरा मकसद हमेशा से सांप्रदायिक शांति और एकता को बढ़ावा देने वाला रहा है जो मुझपर लगाए गए आरोपों के एकदम उलट है. मैं फिर कहता हूं कि एक मुस्लिम तब तक एक अच्छा मुसलमान नहीं बन सकता है जब तक वह एक अच्छा इंसान नहीं बन जाता है.

एनआईए ने 2016 में विभिन्न धार्मिक समूहों में बैर को बढ़ावा देने के आरोप में नाइक के खिलाफ आतंकवाद रोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया था. आरोप है कि उसके भाषणों से प्रभावित होकर ही बांग्लादेश में कट्टरपंथी युवाओं ने एक रेस्टोरेंट में भयानक हत्याकांड को अंजाम दिया था. भारत सरकार ने उसके संगठन आईआरएफ पर पाबंदी लगाने के साथ ही पीस टीवी पर भी प्रतिबंध लगाया है.