नई दिल्‍ली: बीजेपी की केंद्र सरकार में शामिल आरपीआई नेता व राज्‍यमंत्री रामदास अठावले ने राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान पर ऐतराज किया है, जिसमें उन्‍होंने भारत की 130 करोड़ की आबादी को हिंदू समाज कहा. अठावले ने कहा सभी को हिंदू कहना सही नहीं है.

केंद्र की मोदी सरकार में सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के राज्‍य मंत्री अठावले ने कहा,- सभी को हिंदू कहना सही नहीं है. एक समय था, जब हमारे देश में हर कोई बुद्ध‍िस्‍ट था. जब हिंदुस्‍ज्‍म आया तो हम हिंदू राष्‍ट्र बन गए. यदि उनका आशय हर किसी को अपना कहना है तो यह ठीक है.

बता दें कि बुधवार को हैदराबाद में तेलंगाना के स्वयंसेवकों के तीन दिवसीय ‘विजय संकल्प शिविर’ में जनसभा को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख भागवत ने कहा था कि संघ भारत की 130 करोड़ आबादी को हिंदू समाज के रूप में मानता है, चाहे उनका धर्म और संस्कृति कुछ भी हो. उन्होंने कहा कि धर्म और संस्कृति से परे देखते हुए, जो लोग राष्ट्रवादी भावना रखते हैं और भारत की संस्कृति तथा उसकी विरासत का सम्मान करते हैं, वे हिंदू हैं और आरएसएस देश के 130 करोड़ लोगों को हिंदू मानता है. उन्होंने कहा कि संपूर्ण समाज हमारा है और संघ का उद्देश्य संगठित समाज का निर्माण करना है.

मोहन भागवत बोले- भारत की 130 करोड़ आबादी को हिंदू समाज मानता है आरएसएस

संघ प्रमुख ने कहा, आरएसएस सभी को स्वीकार करता है, उनके बारे में अच्छा सोचता है और उन्हें बेहतरी के उच्च स्तर पर ले जाना चाहता है. एक प्रसिद्ध कहावत है विविधता में एकता. लेकिन हमारा देश उससे एक कदम आगे है. सिर्फ विविधता में एकता नहीं बल्कि एकता की विविधता.  (इनपुट: एजेंसी)