जम्मू एवं कश्मीर के नगरोटा हमले में शहीद हुए सेना के जवानों और नोटबंदी के बाद कतारों में खड़े होने के दौरान जान गंवाने वाले 80 से अधिक लोगों को श्रद्धांजलि देने तथा मतविभाजन के नियम के तहत नोटबंदी के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण बुधवार को संसद में कोई कामकाज नहीं हो सका। संसद में पिछले कई दिनों से जारी गतिरोध के कारण न तो राज्यसभा और न ही लोकसभा में कोई कामकाज हो सका है। Also Read - राहुल गांधी ने अनुराग कश्‍यप और तापसी पन्‍नू पर IT Raid को लेकर सरकार पर कसा तंज

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दोनों सदनों की कार्यवाही समय से पूर्व स्थगित करनी पड़ी। संसद की कार्यवाही बुधवार को लगातार 10वें दिन भी बाधित रही। राज्यसभा में विपक्षी सदस्य जम्मू एवं कश्मीर के नगरोटा हमले में शहीद हुए सेना के जवानों और नोटबंदी के बाद कतारों में खड़े होने के दौरान जान गंवाने वाले 80 से अधिक लोगों को श्रद्धांजलि देने की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। मुद्दे पर राज्यसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित होने के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। यह भी पढ़ें: कांग्रेस: PM मोदी को पता है कि अमित शाह ने काले धन से जमीनों का सौदा किया Also Read - In Pictures: जिससे LPG Gas कनेक्शन लेने में होती रही परेशानी, सरकार ने अब बदल दिए नियम

सदन में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने पहले इस मुद्दे को उठाया। तृणमूल कांग्रेस सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने भी शहीदों और ‘बैंकों की कतारों में खड़े होने के दौरान जान गंवाने वालों’ को श्रद्धांजलि देने की मांग की। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की नेता मायावती, जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता राम गोपाल यादव ने भी यही मांग रखी और बैंकों की कतारों में खड़े होने के दौरान जान गंवाने वालों को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग भी दोहराई।

हंगामा न थमने के कारण सभापति ने सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। उसके बाद कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए फिर स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही अपराह्न् दो बजे एक बार फिर शुरू हुई, लेकिन हंगामा जारी रहा और सदन को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। वहीं, लोकसभा में भी नोटबंदी मुद्दे को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी पार्टियों ने शहीद सैन्यकर्मियों को श्रद्धांजलि देने की मांग की।

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने यह कहकर उनकी मांग ठुकरा दी कि नगरोटा में तलाशी अभियान अभी जारी है और सरकार घटना के बारे में जानकारियां जुटा रही है। महाजन ने हंगामे के बावजूद प्रश्नकाल चलाने की कोशिश की, लेकिन बार-बार व्यवधान उत्पन्न होने के कारण उन्हें आखिरकार सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

इसके बाद सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होने पर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उनकी पार्टी नोटबंदी के मुद्दे पर बहस चाहती है, क्योंकि इसकी वजह से लोगों को परेशानी हो रही है। तृणमूल नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी ऐसे नियम के तहत बहस के लिए तैयार है, जिसमें मतदान का प्रावधान हो।

बीजू जनता दल (बीजद) नेता भर्तृहरि महताब ने नोटबंदी के कारण लोगों को हो रही परेशानी पर तत्काल चर्चा का सुझाव दिया। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार महताब के सुझाव से सहमत है और चर्चा के लिए तैयार है। हालांकि सरकार ने इसे अस्वीकार करते हुए कहा कि मुद्दे पर मत विभाजन से गलत संदेश जाएगा।

अध्यक्ष ने विरोध कर रहे सदस्यों से नियमों को अलग रखकर बहस शुरू करने का आग्रह किया, लेकिन विपक्षी सदस्य अध्यक्ष के आग्रह को नजरअंदाज कर उनके आसन के पास जमा हो गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। महाजन ने इसके बाद 10 मिनट के लिए अपराह्न 12.45 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

बाद में अध्यक्ष ने अपने कक्ष में कुछ विपक्षी सदस्यों के साथ बैठक की, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकल सका। दो बार स्थगित होने के बाद जब फिर से सदन की कार्यवाही शुरू हुई तब भी हंगामा जारी रहा, जिसके चलते अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। बीते 16 नवंबर को संसद के शीतकालीन सत्र के शुरू होने के बाद से ही नोटबंदी के मुद्दे को लेकर जारी गतिरोध के कारण संसद में कामकाज बिल्कुल ठप है।