मुरादाबाद: देश और विदेश में अपनी नज़्मों और ग़ज़लों से मशहूर शायर और कांग्रेस के टिकट पर मुरादाबाद से 2019 के लोकसभा चुनाव में खड़े होने वाले नेता इमरान प्रतापगढ़ी (Imran Pratapgarhi) के सामने एक नई मुश्किल खड़ी हो गई है. इमरान देश भर में हो रहे नागरिकता विधेयक, एनपीआर और एनआरसी के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं और इसी सिलसिले में उन्हें  सीएए प्रदर्शनकारियों को संबोधित कर धारा 144 का उल्लंघन करने के मामले में 1.04 करोड़ रुपये का नोटिस जारी किया गया है. यह नोटिस एडिशनल सिटी मजिस्ट्रेट (प्रथम) राजेश कुमार ने जारी किया है, जिसमें प्रतापगढ़ी से कहा गया है कि क्यों न ‘ईदगाह और उसके आसपास के क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किए गए सुरक्षाबल पर खर्च हुए 1.04 करोड़ रुपये को उनसे वसूला जाए.’ Also Read - नोएडा: रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 15 लाख रूपए ठगे, एक आरोपी गिरफ्तार

इमरान प्रतापगढ़ी ने इस नोटिस को ‘भाजपा सरकार द्वारा विपक्ष की आवाज को चुप कराने के लिए दबाव की रणनीति’ करार दिया है. उन पर प्रशासन ने एक विशेष समुदाय के लोगों को कथित रूप से भड़काने और दो समुदायों के बीच दुश्मनी को हवा देने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि यह नोटिस 6 फरवरी को जारी किया गया है. उन्हें यह बताने के लिए कहा गया है कि वह दो जमानतों के साथ 10 लाख रुपये के निजी मुचलके को क्यों जमा नहीं करें. Also Read - UPPRPB Recruitment 2021: UP Police में 9 हजार से अधिक पदों पर निकली वैकेंसी, जल्द करें आवेदन, होगी अच्छी सैलरी

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पुलिस और अर्धसैनिक बलों पर हर दिन 13.42 लाख रुपये खर्च होते हैं, जिसमें रैपिड एक्शन फोर्स का एक दस्ता, प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी का आधा हिस्सा और ईदगाह पर तैनात पुलिस बल शामिल है. इसलिए आठ दिनों के हिसाब से उनपर किया गया खर्च 1.04 करोड़ रुपये हैं. Also Read - COVID19 in UP: यूपी के डीजीपी, एसीएस और लखनऊ डीएम कोरोना पॉजिटिव निकले

इस बारे में प्रतापगढ़ी ने कहा, “मैं मुरादाबाद 7 फरवरी को पहुंचा था. लेकिन नोटिस 6 फरवरी की जारी की गई है. इसके अलावा मैंने एसपी (सीटी) को और प्रशासन को अपने आने की सूचना देने के साथ ही सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए कहा था. मैं सीधे ईदगाह पहुंचा था. अपने संबोधन के दौरान मैंने पुलिस और प्रशासन के प्रयास का भी समर्थन किया था.”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने देशभर में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन और धरने में भाग लिया है, लेकिन वहां मुझे इस तरह का कोई नोटिस नहीं मिला. हाल ही में मैं लखनऊ में था, जहां मैंने लोगों को संबोधित किया. स्थानीय प्रशासन ने बताया कि वहां धारा 144 लागू है. लेकिन, यह उनके लिए था जो सरकार का विरोध कर रहे हैं. उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य हाल ही में मुरादाबाद आए थे और सीएए के समर्थन में एक बड़ी सभा को संबोधित किया, लेकिन उनके लिए धारा 144 प्रभावी नहीं है.”

हालांकि एसीएम राजेश कुमार ने विस्तार में बताया, “धरने के आयोजकों और कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी को नोटिस जारी किया गया है. अगर जिले में धारा 144 लागू है तो किसी तरह की भीड़ गैर-कानूनी है. पुलिस ने हमें 6 फरवरी को उनके अगले दिन आने को लेकर सूचित किया. इसलिए हमने उन्हें उसी दिन नोटिस जारी किया. इस तरह के नोटिस एहतियात के तौर पर उन लोगों को चेतावनी देने के लिए जारी किए जाते हैं जो कानून और व्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं.”

उन्होंने कहा, “विरोध स्थल पर किसी भी अप्रिय परिस्थिति के उत्पन्न होने से पहले किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाती है. हमने नोटिस में 1.04 करोड़ रुपये की राशि का जिक्र किया है. इमरान को दो जमानती के साथ 10 लाख रुपये के निजी मुचलका जमा करने का निर्देश दिया गया है.”

 

इनपुट-एजेंसी