एनडीए यानी राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में महिला उम्मीदवारों को अनुमति के लिए अधिसूचना अगले साल मई तक जारी की जाएगी. रक्षा मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि महिला उम्मीदवारों को NDA में प्रवेश परीक्षा में बैठने की अनुमति देने वाली अधिसूचना मई 2022 तक जारी की जाएगी. मंत्रालय ने कहा कि समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए ऐसी महिला उम्मीदवारों के सुगम प्रवेश और निर्बाध प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए सुनियोजित योजना और सावधानीपूर्वक तैयारी की आवश्यकता है.Also Read - Pegasus Case: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिया करारा झटका, कहा-विवेकहीन जासूसी मंजूर नहीं

शीर्ष अदालत में दाखिल एक हलफनामे में कहा गया है, ‘भारत सरकार, अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप स्पष्ट रूप से बताना चाहती है कि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के माध्यम से महिला उम्मीदवारों के संबंध में तीनों रक्षा सेवाओं में मौजूदा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए विचार किया जाएगा.’ इसमें कहा गया है कि रक्षा सेवाओं द्वारा एक अध्ययन समूह का गठन किया गया है, जिसमें एनडीए में महिला कैडेटों के लिए व्यापक पाठ्यक्रम को तेजी से तैयार करने के लिए विशेषज्ञ शामिल हैं. सभी प्रासंगिक पहलुओं को शामिल करते हुए NDA में महिला कैडेटों के प्रशिक्षण के लिए एक समग्र और भविष्योन्मुखी प्रस्ताव देने के लिए अधिकारियों के बोर्ड का गठन किया गया है. Also Read - Pegasus spyware case: स्वतंत्र जाच की याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा अपना फैसला

केंद्र ने, इससे पहले, शीर्ष अदालत को बताया था कि सशस्त्र बलों ने महिलाओं को एनडीए में शामिल करने का फैसला किया है. केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया था कि सशस्त्र बलों के साथ-साथ सरकार के शीर्ष स्तर पर भी निर्णय किया गया है कि एनडीए के जरिए महिलाओं को स्थायी कमीशन के लिए शामिल किया जाएगा. शीर्ष अदालत अधिवक्ता कुश कालरा द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी. याचिका में योग्य और इच्छुक महिला उम्मीदवारों को महज लैंगिक आधार पर प्रतिष्ठित एनडीए से बाहर रखे जाने का मुद्दा उठाया गया है, जो कथित तौर पर समानता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है. Also Read - Video: लालू यादव के बयान पर बोले नीतीश कुमार- 'वह मुझे गोली मरवा सकते हैं और...'

याचिका में कहा गया है कि अधिकारी ‘राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और नौसेना अकादमी परीक्षा’ के लिए 10+2 की समुचित योग्यता रखने वाले अविवाहित पुरुष उम्मीदवारों को अनुमति देते हैं, लेकिन योग्य और इच्छुक महिला उम्मीदवारों को उनके लिंग के आधार पर और उसके बिना परीक्षा देने की अनुमति नहीं है. इसमें कहा गया है कि इस तरह का कदम संबंधित अधिकारियों द्वारा समानता और गैर-भेदभाव के संवैधानिक मूल्यों का अपमान है.

याचिका में कहा गया है कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ‘राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और नौसेना अकादमी परीक्षा’ आयोजित करता है और पात्रता मानदंड के अनुसार, आवश्यक शैक्षणिक योग्यता वाले और 15-18 वर्ष की आयु के कोई भी अविवाहित पुरुष उम्मीदवार इसमें शामिल हो सकते हैं. याचिका में कहा गया है कि परीक्षा उत्तीर्ण करने और एनडीए में प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने और कैडेट द्वारा चुनी गई सेवा की संबंधित अकादमी में प्रशिक्षण के बाद, उम्मीदवार को 19-22 साल की उम्र तक स्थायी कमीशन अधिकारी के रूप में सेवा में कमीशन मिल जाता है.

याचिका में दलील दी गई है कि पात्र और इच्छुक महिला उम्मीदवारों को योग्य शैक्षणिक योग्यता के साथ 15-18 वर्ष की आयु में एनडीए और नौसेना अकादमी परीक्षा देने का यह अवसर उपलब्ध नहीं है और केवल लिंग के आधार पर उन्हें इससे बाहर रखा गया है.

(इनपुट: भाषा)