फरीदाबाद: स्थानीय स्पेशल टास्क फोर्स ने राज्य के कुख्यात गैंगस्टर कौशल को गिरफ्तार कर लिया है. कौशल का आतंक हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान चार राज्यों में फैला था. भाड़े पर हत्या, अपहरण, व्यापारियों को धमकाकर उनसे मोटी रकम ऐंठना कौशल गैंग का मुख्य काम था. पांच लाख रुपए के इनामी कुख्यात कौशल की तलाश हरियाणा पुलिस जून महीने में हुई कांग्रेस प्रवक्ता विकास चौधरी की हत्या के बाद से कर रही थी. कौशल की गिरफ्तारी की पुष्टि शहर के नवनियुक्त पुलिस आयुक्त के.के. राव ने सोमवार दोपहर बाद एक पत्रकार वार्ता में  की.

कौशल की गिरफ्तारी की पुष्टि शहर के नवनियुक्त पुलिस आयुक्त के.के. राव ने फरीदाबाद में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में सोमवार दोपहर बाद की. फरीदाबाद-गुरुग्राम स्पेशल टास्क फोर्स को कौशल की महीने भर से तलाश थी. कौशल की गिरफ्तारी में दिल्ली पुलिस की भी मदद ली गई. बताया जा रहा था कि कौशल काफी समय से दुबई में छिपा हुआ था. हरियाणा पुलिस ने तरकीब से उसके चारों ओर जाल बिछाया तो वह उसमें फंस गया.

फरीदाबाद पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “इसी साल अप्रैल महीने में गुरुग्राम पुलिस ने कौशल गैंग के बदमाश रणवीर सैनी, आशू और सतीश को गिरफ्तार किया था. इन्हीं बदमाशों से हाथ लगे सुराग के बाद पुलिस कौशल तक पहुंच पाई.”

कौशल गैंग पर बिदर गुर्जर के भाई की हत्या, गैंगस्टर जेडी, बुकी विजय उर्फ तांत्रिक की हत्या, रेवाड़ी के एक निजी अस्पताल में गोलीबारी से लेकर गुरुग्राम के एक बेकरी हाउस में गोलीबारी करने तक का आरोप है.

फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त के.के. राव ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कौशल को सोमवार तड़के दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे से गिरफ्तार किया गया. पुलिस आयुक्त ने कहा, “कौशल की गिरफ्तारी के बाद कई आपराधिक मामले खुलने की उम्मीद है. इनमें सबसे सनसनीखेज वारदात 9 जून को फरीदाबाद में हुई कांग्रेस प्रवक्ता विकास चौधरी की हत्या थी. विकास हत्याकांड में कौशल की गिरफ्तारी से काफी पहले ही कुछ बदमाश गिरफ्तार हो चुके हैं. विकास चौधरी हत्याकांड का मुख्य षड्यंत्रकारी कौशल ही था.”

कांग्रेस नेता विकास चौधरी हत्याकांड के बाद उसके खुलासे के लिए पलवल के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया के नेतृत्व में एक एसटीएफ टीम का गठन किया गया था. एसटीएफ की इस टीम में फरीदाबाद के एसीपी (अपराध शाखा) अनिल कुमार, गुरुग्राम अपराध शाखा के इंस्पेक्टर नरेंद्र चौहान और रेवाड़ी में तैनात इंस्पेक्टर आनंद यादव को शामिल किया गया था.

यह भी कहा जा रहा है कि कौशल के पीछे लंबे समय से पालम विहार (गुरुग्राम) अपराध शाखा के इंस्पेक्टर बिजेंद्र हुड्डा की टीम भी लगी हुई थी. हुड्डा की टीम ने ही अप्रैल में कौशल गैंग के तीन खतरनाक गुंडों को गिरफ्तार किया था.