नई दिल्ली: केन्द्र सरकार ने सैनिक स्कूलों में बालिकाओं को भी शिक्षा सुविधा दिए जाने संबंधी प्रायोगिक (पायलट) परियोजना पूरी होने के बाद पांच सैनिक स्कूलों में अगले शैक्षिक सत्र 2020-21 से बालिकाओं के दाखिले को मंजूरी दे दी है. इसके बाद देश के सभी सैनिक स्कूलों में बालिकाओं के दाखिले हो सकेंगे.

रक्षा राज्यमंत्री श्रीपद यशो नायक (Shripad Naik) ने सोमवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के जवाब में बताया कि सरकार ने देश के सभी 31 सैनिक स्कूलों में बालिकाओं की शिक्षा व्यवस्था के लिए समयबद्ध कार्ययोजना लागू की जाएगी. सरकार ने इन स्कूलों में बालिकाओं के दाखिले को मंजूरी देने का फैसला किया है.

उन्होंने बताया कि पायलट परियोजना के तहत मिजोरम के चिंगचिप स्थित सैनिक स्कूल में 2018-19 सत्र से बालिकाओं की शिक्षा शुरू की गई थी. परियोजना की सफलता के बाद अब पांच सैनिक स्कूलों आंध्र प्रदेश में कालीकिरी, कर्नाटक में कोदगू, उत्तराखंड में घोड़ाखाल, महाराष्ट्र में चंद्रपुर और कर्नाटक में बीजापुर स्थित सैनिक स्कूलों में दाखिले की मंजूरी दी गई है.

नाइक ने बताया कि इसके बाद सभी 31 सैनिक स्कूलों में भी यह व्यवस्था लागू की जाएगी. इसके लिए समयबद्ध कार्ययोजना को लागू किया जाएगा. एक अन्य पूरक प्रश्न के जवाब में उन्होंने बताया कि इन स्कूलों में दस प्रतिशत सीटें छात्राओं के लिए आरक्षित होंगी.