नई दिल्ली: भारतीय रेलवे सफर के दौरान अच्छा और साफ सुथरा खाना न देने के लिए बदनाम है. लेकिन अब रेलवे ने अपनी कैटरिंग सेवा में सुधार शुरू करने का फैसला किया है. रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने शुक्रवार को बताया कि जुलाई से राजधानी, शताब्दी और दूरंतों जैसी प्रीमियम ट्रेनों में प्रयोग के आधार पर और बाद में अन्य सभी ट्रेनों में उच्च गुणवत्ता वाला और स्वादिष्ट खाना परोसा जाएगा. उन्होंने कहा, ‘‘मेनू सामान्य रहेगा, यह कॉम्बो मील के रूप में हो सकता है. इसमें दो से तीन सामग्री विमानों में परोसे जाने वाले भोजन की तरह होगी. भोजन की गुणवत्ता बहुत अच्छी रहेगी और यह स्वादिष्ट होगा.’’

उन्होंने कहा कि मौजूदा मेनू में छह-सात सामग्री होती है लेकिन कई बार गुणवत्ता कम होती है. रेलवे परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर लगातार आलोचना का सामना कर रहा है. भोजन तैयार करने में की जाने वाली गड़बडी को पकड़ने के लिए सीसीटीवी कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा.

पिछले साल भारतीय नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने संसद में एक रिपोर्ट पेश की थी जिसमें रेलगाड़ी में मिलने वाले खाने में मक्खियों, कीड़ों, चूहों और तिलचट्टे आदि होने के बारे में आगाह किया गया था. रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि नलकों से सीधे पानी का इस्तेमाल चाय बनाने में किया जाता है. इसके अलावा कूड़े के डिब्बे भी ठीक से कवर नहीं होने, नियमित रूप से खाली नहीं करने की बात भी रिपोर्ट में कही गई थी.

पिछले दिनों यह भी खबर आई थी कि भारतीय रेलवे ने अपने यात्रियों को दिए जाने वाले खाने-पीने के सामान में साफ सफाई सुनिश्चित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लेने का फैसला किया है. दरअसल कुछ दिन पहले रेल में टॉयलेट के पानी से चाय बनाने वाला वीडियो भी वायरल हुआ था जिसके बाद रेलवे की काफी किरकिरी हुई थी.