नई दिल्ली: राम मंदिर ट्रस्ट के नए अध्यक्ष बनाए गए नृत्यगोपाल दास ने कहा है कि हिंदू परिषद के मॉडल पर ही राम मंदिर का निर्माण होगा, लेकिन उसके प्रारूप में थोड़ा विस्तार जरूर किया जाएगा. मंदिर के लंबाई और चौड़ाई में उसकी भव्यता को देखते हुए थोड़ा परिवर्तन करने की गुंजाइश बनी हुई है. इसके साथ ही नृत्यगोपाल दास ने साफ-साफ कहा कि ट्रस्ट की अगली बैठक जब अयोध्या में 15 दिनों के बाद होगी तो उस बैठक में ट्रस्ट के निर्माण को लेकर रूपरेखा दी जाएगी. Also Read - Ayodhya में ट्रस्‍ट ने राम मंदिर से लगी जमीन खरीदी, 107 एकड़ का परिसर बनाने का प्‍लान

हालांकि उन्होंने साफ किया कि अलग से निर्माण कमेटी बना दी गई है, जो नृपेंद्र मिश्रा की देखरेख में काम करेगी. महंत के मुताबिक, इस कमेटी का काम यह है कि मंदिर निर्माण के लिए क्या-क्या काम किए हैं, उस पर विचार करना. राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू किए जाने को लेकर नृत्यगोपाल दास ने कहा कि इस पर विचार अगली बैठक में तय होगा, लेकिन इतना जरूर कहा कि रामनवमी के दिन मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं होगी. Also Read - राम मंदिर निर्माण के लिए अब तक जमा हुए 2,100 करोड़ रुपये, जारी है धन जुटाने का अभियान

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बैठक में न्यास के सदस्यों के बीच दायित्व का बंटवारा
बुधवार को ट्रस्ट की बैठक में न्यास के सदस्यों के बीच दायित्व का बंटवारा कर दिया गया. दो अलग-अलग समितियां बनाई गई हैं. उन कमेटियों की जिम्मेदारी इन्हीं ट्रस्टों को सौंपी जाएगी जो समय-समय पर बैठकर कर मंदिर निर्माण के कार्य को आगे बढ़ाते रहेंगे. ट्रस्ट की बैठक से पहले ही नृत्यगोपाल दास ने बातचीत में इस बात की पुष्टि कर दी थी कि वह ट्रस्ट की बैठक में शामिल हो रहे हैं. ट्रस्ट उनकी जिम्मेदारी भी तय करेगी. बैठक में सभी सदस्य अपने-अपने विचार रखेंगे.