देहरादून: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल शनिवार को उत्तराखंड के पौड़ी जिले में स्थिति अपने पैतृक गांव घीड़ी पहुंचे और उन्होंने अपनी कुलदेवी बाल कुंवारी की पूजा-अर्चना की. घीड़ी पहुंचने पर डोभाल का ग्रामीणों ने पारंपरिक रूप से स्वागत-सत्कार किया. उधर, गांव पहुंचने से पहले एनएसए डोभाल ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से मुलाकात की.

डोभाल शनिवार सुबह पत्नी और बेटे के साथ अपने परिवार की कुलदेवी के मंदिर में पहुंचे. ढोल-दमाऊ जैसे वाद्ययंत्रों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उनका और उनके परिवार का अभिवादन किया. उन्होंने ग्रामीणों के साथ सुखद आदान-प्रदान कर बातचीत भी की. पुलिस के सूत्रों ने कहा कि डोभाल की यात्रा को ध्यान में रखकर गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. पौड़ी में शुक्रवार को जिला मुख्यालय पहुंचे डोभाल ने शनिवार को पूजा-अर्चना की और दोपहर बाद ही नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के एनएसए के रूप में नियुक्ति के बाद डोभाल ने इससे पहले 2014 में अपने गांव का दौरा किया था. उस दौरान भी उन्होंने अपनी कुलदेवी के मंदिर में पूजा-अर्चना की थी.

उत्तराखंड के सीएम से की मुलाकात
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से शनिवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने शिष्टाचार भेंट की. मुख्यमंत्री आवास में डोभाल का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने उन्हें प्रदेश का भी गौरव बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि डोभाल के साथ ही देश के अनेक महत्वपूर्ण पदों पर हमारे प्रदेश के लोग कार्यरत है, यह भी हमारे लिये सम्मान की बात है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की सीमाये दो देशों की अन्तराष्ट्रीय सीमा से जुड़ी है. हमारे सीमान्तवासी हमारे सीमाओं के भी प्रहरी है. केन्द्र सरकार के सहयोग से सीमान्त क्षेत्रों के विकास में भी निश्चित रूप से मदद मिलेगी.  डोभाल ने कहा कि उत्तराखण्ड उनकी जन्मभूमि है. उन्होंने प्रदेश के विकास के आवश्यक सहयोग का मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया.