कोलंबो: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने शनिवार को यहां भारत, श्रीलंका और मालदीव के बीच समुद्री सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय त्रिपक्षीय वार्ता में हिस्सा लिया. श्रीलंका, भारत और मालदीव के साथ समुद्री सुरक्षा सहयोग पर चौथी त्रिपक्षीय बैठक का आयोजन कर रहा है. छह साल बाद यह बैठक हो रही है. इससे पहले यह बैठक 2014 में नयी दिल्ली में हुई थी. Also Read - अन्य देशों को कोविड-19 टीके की आपूर्ति के दौरान श्रीलंका को प्राथमिकता देगा भारत: गोटबाया राजपक्षे

कोलंबो में भारतीय उच्चायोग ने बताया कि डोभाल, श्रीलंका के रक्षा सचिव मेजर (सेवानिवृत्त) कमल गुणारत्ने और मालदीव की रक्षा मंत्री मारिया दीदी द्वारा त्रिपक्षीय बैठक में हुई चर्चा के ब्योरे पर हस्ताक्षर करके औपचारिक रूप दिया गया. श्रीलंकाई विदेश मंत्रालय ने बैठक की विस्तृत जानकारी दिये बगैर ट्वीट किया कि श्रीलंका के विदेश मंत्री दिनेश गुणावर्धने ने मुख्य अतिथि के रूप में बैठक को संबोधित किया. विदेश सचिव एडमिरल प्रो. जयनाथ कोलंबेज ने भी बैठक में हिस्सा लिया. Also Read - कोरोना के देसी टीके की मांग बढ़ी, इस पड़ोसी देश ने किया औपचारिक अनुरोध

यह बैठक हिंद प्रशांत क्षेत्र और हिंद महासागर में अपने प्रभाव को बढ़ाने के चीन के प्रयासों के बीच हुई. श्रीलंकाई सेना ने बृहस्पतिवार को बताया था कि बैठक में बांग्लादेश, मॉरीशस और सेशल्स के पर्यवेक्षक भी रहेंगे. वार्ता के लिए शुक्रवार को कोलंबो पहुंचे डोभाल ने कल ही मालदीव की रक्षा मंत्री मारिया दीदी से मुलाकात की थी और हिंद महासागर में प्रमुख द्वीपीय देश के साथ द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने पर सौहार्दपूर्ण और विस्तृत चर्चा की थी. Also Read - NSA अजीत डोभाल के बेटे से कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मांगी माफी, 'कारवां' पर चलता रहेगा केस

डोभाल ने शुक्रवार को श्रीलंका के रक्षा सचिव गुणारत्ने से भी मुलाकात की थी और वे दोनों देशों के बीच ‘‘मूल्यवान’’ सहयोग को और बढ़ाने के लिए कई कदमों पर सहमत हुए थे. कोलंबो में भारतीय उच्चायोग ने एक अन्य ट्वीट में कहा था, ‘‘एनएसए अजित डोभाल ने मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) कमल गुणारत्ने से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा साझेदारी से संबंधित मामलों को लेकर विचार-विमर्श हुआ.’’

हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा पर समन्वित कार्रवाई, राहत और बचाव अभियान का प्रशिक्षण, समुद्र में बढ़ते प्रदूषण को लेकर कदम उठाने, सूचनाएं साझा करने, अवैध हथियारों, मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने जैसे विषयों पर त्रिपक्षीय बैठक में चर्चा होने की संभावना है.

नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा था कि एनएसए स्तर की त्रिपक्षीय बैठक हिंद महासागर के देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए एक प्रभावी मंच हैं. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा था, ‘‘हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी.’’ इस साल डोभाल का श्रीलंका का यह दूसरा दौरा है. इससे पहले वह जनवरी में श्रीलंका आए थे और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की थी.

(इनपुट भाषा)