वाशिंगटन. भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल नई दिल्ली में 2+2 वार्ता के एक सप्ताह बाद वाशिंगटन में हैं, जहां वह ट्रंप प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. ट्रंप प्रशासन में सम्मान की दृष्टि से देखे जाने वाले डोभाल का शुक्रवार को विदेश विभाग के फॉगी बॉटम मुख्यालय पर विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ से मिलने का कार्यक्रम है. इसके अलावा वह अपने अमेरिकी समकक्ष जॉन बोल्टन से मिलेंगे. डोभाल के रक्षा विभाग के अधिकारियों और थिंक टैंक समुदाय से भी मुलाकात करने की संभावना है. जानकारों का मानना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का अमेरिका दौरा दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित भारत यात्रा को लेकर है. अनुमान है कि अगले साल 26 जनवरी को होने वाली गणतंत्र दिवस की परेड में डोनाल्ड ट्रंप बतौर मेहमान भारत आ सकते हैं.

वाशिंगटन में भारतीय दूतावास और व्हाइट हाउस ने डोभाल की यात्रा और बैठकों के बारे में सवाल पर अभी कोई जवाब नहीं दिया है. विदेश विभाग की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने अपने नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘भारत, अमेरिका का बेहद करीबी मित्र हैं’. वह 2 प्लस 2 वार्ता के लिए पिछले सप्ताह पोम्पिओ के साथ नई दिल्ली में थीं. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘हमारे लोगों के बीच मजबूत आपसी संबंध हैं. मुझे लगता है कि अमेरिका में 30 लाख से ज्यादा भारतीय अमेरिकी रह रहे हैं इसलिए यह भी मुलाकातों और बातचीत का हिस्सा थे.’ पोम्पिओ की पाकिस्तान यात्रा के बारे में प्रवक्ता ने कहा कि विदेश मंत्री ने नई सरकार के साथ सार्थक और महत्वपूर्ण बैठकें की हैं.

पिछले सप्ताह नई रक्षा संधि कॉमकासा पर हस्ताक्षर करने के बारे में नोर्ट ने कहा कि लंबे समय के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है. बैठकों के दौरान चर्चा अफगान-पाक क्षेत्र में दि्वपक्षीय और सुरक्षा मुद्दों खासतौर से आतंकवाद से निपटने पर केंद्रित रहने की संभावना है. ऐसा माना जा रहा है कि डोभाल की यह यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा की जमीन तैयार करने के लिए हो रही है. ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारत यात्रा का न्योता स्वीकार कर लिया है. दोनों देश विभिन्न तारीखों पर विचार कर रहे हैं, जिसमें 26 जनवरी 2019 को भारत के गणतंत्र दिवस के अवसर पर ट्रंप को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाना भी शामिल है.

(इनपुट – एजेंसी)